TCS ने जून 2026 तिमाही के लिए मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों के वेरिएबल पे में कटौती कर दी है। अब इन कर्मचारियों को **60% से 70%** तक ही वेरिएबल पे मिलेगा, जबकि जूनियर स्टाफ को इससे बाहर रखा गया है।
मार्जिन पर दबाव का असर
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने मुआवजे ढांचे में बदलाव किया है। कंपनी ने जून 2026 तिमाही में 24% का ऑपरेटिंग मार्जिन दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के 25.3% से कम है। कंपनी का कहना है कि सालाना वेतन वृद्धि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश के चलते लागत बढ़ी है, जिसका असर मुनाफे पर दिख रहा है।
ऑफिस अटेंडेंस का पेंच
TCS ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वेरिएबल पे पाने के लिए ऑफिस अटेंडेंस का नियम अनिवार्य है। कंपनी ने अन्य प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले हाइब्रिड मॉडल के बजाय ऑफिस से काम करने पर अपना सख्त रुख कायम रखा है। इस नियम के तहत, जो कर्मचारी ऑफिस आने की तय शर्तों को पूरा नहीं करेंगे, वे वेरिएबल पे के हकदार नहीं होंगे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
शेयर बाजार में TCS का स्टॉक ₹2,247 के आसपास ट्रेड कर रहा है। उत्तरी अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में खर्च में कमी और आईटी सेक्टर में चल रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर शेयरों पर भी दिख रहा है। अब निवेशकों की नजर इस पर है कि क्या AI में किया गया निवेश आगे चलकर रेवेन्यू में ग्रोथ लाएगा या मार्जिन में कमी मुनाफे को और दबाएगी। साथ ही, सीनियर लेवल पर हुए इस पे कट का असर कर्मचारियों के रिटेंशन पर कैसा रहता है, यह भी देखना काफी दिलचस्प होगा।
