Tata Consultancy Services (TCS) के शेयर शुक्रवार को **2.35%** चढ़कर **₹2,252.70** पर पहुंच गए। कंपनी ने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। रेवेन्यू में तो बढ़त दिखी, लेकिन नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट निवेशकों की नजर में है। वहीं, कंपनी कर्ज-मुक्त (Debt-free) बनी हुई है, साथ ही AI में निवेश और लगातार डिविडेंड (Dividend) भुगतान पर भी ध्यान दे रही है।
TCS की शेयर बाजार में धूम
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 2.35% बढ़कर ₹2,252.70 के स्तर पर पहुंच गए। इस उछाल के साथ ही यह IT फर्म Nifty 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा एक्टिव स्टॉक्स में से एक बन गई है। ₹12.35 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ, TCS भारतीय IT सेक्टर के सेंटिमेंट के लिए एक अहम बैरोमीटर बनी हुई है।
तिमाही और सालाना प्रदर्शन
कंपनी ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए ₹72,275 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछली तिमाही के ₹70,698 करोड़ की तुलना में अधिक है। हालांकि, टॉप-लाइन पर बढ़त के बावजूद, नेट प्रॉफिट पिछली अवधि के ₹13,784 करोड़ से घटकर ₹13,420 करोड़ हो गया। इस कारण प्रति शेयर आय (EPS) में मामूली गिरावट आई और यह 36.90 पर आ गई। सालाना आधार पर, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹267,021 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो 2025 के ₹255,324 करोड़ से अधिक है। नेट प्रॉफिट मामूली बढ़कर ₹49,454 करोड़ हो गया।
बैलेंस शीट और कैश एलोकेशन
TCS पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Debt-free) है, जो सेक्टर में अस्थिरता के दौर में स्थिरता प्रदान करता है। मार्च 2026 तक कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर ₹106,878 करोड़ हो गया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो 6.51% बढ़कर ₹52,094 करोड़ हो गया, वहीं कंपनी ने ग्रोथ इनिशिएटिव्स पर खर्च बढ़ाया है। निवेश गतिविधियों से कैश का बहिर्वाह (outflow) साल के लिए बढ़कर ₹12,845 करोड़ हो गया, जिसका बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजिकल कैपेबिलिटीज को अपग्रेड करने में लगाया गया है।
रणनीतिक निवेश और इंडस्ट्री पोजीशन
कंपनी फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैपेबिलिटीज को बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके लिए Google Cloud के साथ मिलकर एक Gemini Experience Center और NVIDIA के साथ मिलकर एक Industrial AI Solutions Lab विकसित किया जा रहा है। इन पहलों का मकसद कंपनी की सर्विस ऑफरिंग्स को बेहतर बनाना है, क्योंकि ग्लोबल मार्केट्स में क्लाइंट्स लंबी अवधि की टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग का मूल्यांकन कर रहे हैं।
निवेशक कंपनी के कैपिटल डिस्ट्रीब्यूशन पर भी नजर रख रहे हैं। इसमें मई 2026 में भुगतान किया गया ₹31.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और 15 जुलाई 2026 से प्रभावी ₹12.00 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड शामिल है। आने वाली तिमाहियों में शेयरधारकों का मुख्य ध्यान इन नई AI-केंद्रित पार्टनशिप से रेवेन्यू कन्वर्जन की गति और IT सर्विसेज सेक्टर में ग्लोबल डिमांड में बदलाव के बीच प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर करने की कंपनी की क्षमता पर रहेगा।
