Tata Consultancy Services (TCS) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। रेवेन्यू में **11.2%** की बढ़ोतरी के बाद कंपनी के CEO K. Krithivasan ने अमेरिकी PERM सर्टिफिकेशन विवाद पर सफाई दी है। नतीजों के बाद TCS के शेयर में **3.85%** की तेजी देखी गई।
मुनाफे की रफ्तार और शेयर में तेजी
कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹73,188 करोड़ का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11.2% ज्यादा है। इस मजबूत प्रदर्शन के दम पर 9 अक्टूबर को TCS का शेयर 3.85% की तेजी के साथ ₹2,156 पर बंद हुआ।
अमेरिकी वीज़ा और PERM विवाद
हाल ही में खबर आई थी कि TCS को US Department of Labor के PERM सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया गया है। इस पर CEO K. Krithivasan ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कंपनी का इस प्रक्रिया पर भरोसा बहुत कम है। पिछले दो सालों में कंपनी ने कुल 10 से भी कम आवेदन किए हैं, इसलिए इसका असर न के बराबर होगा।
लोकल हायरिंग पर फोकस
कंपनी अब अपनी रणनीति बदल रही है और अमेरिका में स्थानीय भर्ती को बढ़ावा दे रही है। फिलहाल TCS की 30,000 लोगों की अमेरिकी वर्कफोर्स में से 50% स्थानीय कर्मचारी हैं। अगले 5 सालों में 15,000 और प्रोफेशनल को नियुक्त करने की योजना है, ताकि विदेशी वीज़ा प्रोग्रामों पर निर्भरता कम की जा सके।
AI का जलवा और डिविडेंड
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी की ग्रोथ का बड़ा इंजन बन चुका है। TCS का सालाना AI-आधारित रेवेन्यू $3.1 बिलियन के पार पहुंच गया है, जो कंपनी के कुल रेवेन्यू का 10% से ज्यादा है।
निवेशकों के लिए खुशखबरी यह है कि कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2026 तय की गई है और भुगतान 30 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
