TCS ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 15% बढ़कर ₹13,884 करोड़ रहा, जबकि कंपनी का AI रेवेन्यू रन रेट $3.1 बिलियन के आंकड़े को पार कर गया है। हालांकि, बाजार की चुनौतियों के बीच निवेशकों का रुख अब भी सतर्क बना हुआ है।
मुनाफे के साथ AI पर दांव
सितंबर 2026 तिमाही के नतीजों में TCS ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति को बड़ी सफलता के रूप में पेश किया है। कंपनी का वार्षिक AI रेवेन्यू रन रेट अब $3.1 बिलियन हो गया है, जो कुल रेवेन्यू का 10% से ज्यादा है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 15% बढ़कर ₹13,884 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि ऑपरेशंस से प्राप्त रेवेन्यू 11.2% की ग्रोथ के साथ ₹73,188 करोड़ रहा।
नई डील और विस्तार
कंपनी ने अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। TCS ने Porsche AG की कंपनी MHP Management- und IT-Beratung GmbH के अधिग्रहण की घोषणा की है। यह €320 मिलियन की डील 5 साल के लिए है, जिसमें एक डेडिकेटेड 'AI मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनाया जाएगा। इसके अलावा, Best Buy के बेंगलुरु स्थित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर को AI-नेटिव हब में बदलने का करार भी कंपनी ने पूरा कर लिया है।
बाजार का मूड और निवेशकों की चिंता
शानदार नतीजों के बावजूद, 2026 में TCS का शेयर अब तक 31-35% तक टूट चुका है। आईटी सेक्टर में सुस्ती का मुख्य कारण ग्लोबल क्लाइंट्स द्वारा खर्च में कटौती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, पुराने आईटी सर्विस बिजनेस की प्राइसिंग पर दबाव (Deflation) बन सकता है। कंपनी को अब मार्जिन बैलेंस करने की चुनौती का सामना करना होगा।
डिविडेंड का तोहफा
निवेशकों के लिए कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर 2026 तय की गई है। आने वाले समय में बाजार की नजरें इस पर होंगी कि कंपनी पुरानी सर्विसेज के प्राइसिंग प्रेशर को नए AI वर्टिकल्स से कितनी जल्दी कवर कर पाती है।
