TCS ने अपने क्लाइंट Indian Bank की श्रीलंका स्थित कोलंबो ब्रांच में 'BaNCS for Treasury' प्लेटफॉर्म को डिप्लॉय किया है। इस कदम से बैंक अपने विदेशी ऑपरेशंस को डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने की तैयारी में है।
डिजिटल बैंकिंग की दिशा में बड़ा कदम
TCS ने अपने पुराने पार्टनर Indian Bank के साथ रिश्तों को और मजबूती दी है। कंपनी ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में स्थित बैंक की शाखा में अपना फ्लैगशिप 'BaNCS for Treasury' सॉफ्टवेयर लागू किया है। यह पहली बार है जब Indian Bank ने अपनी किसी विदेशी शाखा में इस एडवांस ट्रेजरी सॉल्यूशन को अपनाया है।
इस प्लेटफॉर्म से क्या बदलेगा?
अब तक बैंक के विदेशी ऑपरेशंस में काफी काम मैन्युअल तरीके से हो रहे थे, लेकिन इस नए डिजिटल एनवायरनमेंट के आने से अब बैंक फॉरेन एक्सचेंज ट्रांजैक्शन, इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो और मनी मार्केट ऑपरेशंस को पूरी तरह से ऑटोमेट कर पाएगा। इससे न केवल गलतियों की गुंजाइश कम होगी, बल्कि काम की स्पीड भी 10 गुना तक बढ़ सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह डील TCS की उस स्ट्रेटेजी को दिखाती है, जिसमें कंपनी अपने घरेलू क्लाइंट्स के साथ रिश्तों का फायदा उठाकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मॉडर्न टेक्नोलॉजी देने की कोशिश करती है। TCS ने इससे पहले भारत और GIFT City में भी अपनी सेवाओं का लोहा मनवाया है।
बैंकिंग सेक्टर में इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स यह साबित करते हैं कि कैसे TCS जैसे दिग्गज खिलाड़ी बैंकों की टेक्नोलॉजी को डिजिटल दौर के लिए तैयार कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो आने वाले समय में अन्य पब्लिक सेक्टर बैंक भी अपने ओवरसीज ऑपरेशंस को दुरुस्त करने के लिए TCS जैसी कंपनियों के साथ बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स कर सकते हैं, जो कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए एक बड़ा 'ट्रिगर' साबित हो सकता है।
