Tata Consultancy Services (TCS) ने इंटरनल परफॉर्मेंस टारगेट पूरा न कर पाने के कारण सीनियर लेवल के कर्मचारियों (ग्रेड C3A और उससे ऊपर) का वेरिएबल बोनस रोक दिया है। हालांकि, शानदार मुनाफे और मजबूत डील पाइपलाइन के दम पर बाजार में कंपनी के शेयर तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
बोनस कटौती पर कंपनी का स्टैंड
TCS के CHRO सुदीप कुन्नुमल ने एक इंटरनल कम्यूनिकेशन के जरिए साफ किया है कि सितंबर तिमाही के लिए सीनियर लेवल के एसोसिएट्स को वेरिएबल पे नहीं मिलेगा। कंपनी का मानना है कि इंटरनल परफॉर्मेंस बेंचमार्क न छू पाना इसका मुख्य कारण है। राहत की बात यह है कि जूनियर लेवल के कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और उन्हें पूरा वेरिएबल बोनस मिलेगा।
नतीजों के बाद मार्केट का रिएक्शन
8 अक्टूबर, 2026 को जारी नतीजों में TCS ने ₹13,884 करोड़ का दमदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो मार्केट उम्मीदों से बेहतर था। नतीजतन, 9 अक्टूबर को कंपनी का शेयर 3.8% से 5.5% तक चढ़ गया। निवेशकों ने बोनस कटौती को नजरअंदाज कर कंपनी की $9.6 बिलियन की मजबूत डील पाइपलाइन और ₹12 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड पर ज्यादा भरोसा जताया है।
ग्रोथ और चुनौतियां
कंपनी के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं। सितंबर तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ मात्र 0.5% (constant currency) रही है, जो पिछले 3 सालों में सितंबर तिमाही का सबसे धीमा प्रदर्शन है। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस बढ़ रहा है, जिसका रेवेन्यू अब $3.1 बिलियन तक पहुंच चुका है। हालांकि, बढ़ती वेज कॉस्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन 24% पर स्थिर बना हुआ है।
इसके अलावा, अमेरिकी वीजा और इमिग्रेशन नीतियों में बदलाव (खासकर PERM प्रोग्राम का निलंबन) IT सेक्टर के लिए एक बड़ा रिस्क बना हुआ है। आने वाले समय में मार्जिन की स्थिरता और डिमांड रिकवरी पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
