Tata Consultancy Services (TCS) ने अप्रैल-जून तिमाही में **9,279** नए कर्मचारी जोड़कर छंटनी के दौर का अंत कर दिया है। कंपनी का रेवेन्यू **14%** बढ़कर **₹72,275 करोड़** हो गया, जिसका मुख्य कारण **$9.5 बिलियन** का बड़ा ऑर्डर बुक है। यह हायरिंग बूम मास रिक्रूटमेंट की जगह AI और डिजिटल इंजीनियरिंग जैसे स्पेशलाइज्ड रोल्स पर केंद्रित है।
TCS के वर्कफोर्स में बड़ी बढ़ोतरी
Tata Consultancy Services (TCS) ने वितीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 9,279 कर्मचारियों को नियुक्त किया है। यह पिछले तीन सालों में सबसे बड़ी वर्कफोर्स बढ़ोतरी है और यह दिखाता है कि कंपनी ने छंटनी का दौर खत्म कर दिया है। पिछले तीन तिमाहियों में कंपनी ने 19,755 कर्मचारियों की छंटनी की थी, लेकिन अब क्लाइंट्स की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए कंपनी ने अपनी टैलेंट पूल को फिर से संगठित करना शुरू कर दिया है।
दमदार फाइनेंशियल नतीजे और ऑर्डर बुक
कर्मचारियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ TCS ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹12,017 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 14% की बढ़ोतरी के साथ ₹72,275 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी ने 24% का ऑपरेटिंग मार्जिन बनाए रखा। इसके पीछे $9.5 बिलियन का मजबूत ऑर्डर बुक एक बड़ा कारण है, जिसमें SKF के साथ AI-फोकस्ड ट्रांसफॉर्मेशन पार्टनरशिप भी शामिल है। हालांकि, कंपनी ने माना है कि नॉर्थ अमेरिका मार्केट में अभी भी दबाव है और मैनेजमेंट क्लाइंट स्पेंडिंग में रिकवरी पर कड़ी नजर रखे हुए है।
स्पेशलाइज्ड स्किल्स पर फोकस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और नौकरियों के जाने के डर के बावजूद, TCS की नई हायरिंग स्ट्रेटेजी स्पेशलाइज्ड टैलेंट पर केंद्रित है। कंपनी पेंडेमिक के बाद के दौर की मास हायरिंग में वापस नहीं लौट रही है। इसके बजाय, TCS क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल इंजीनियरिंग और AI जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए विशेषज्ञता वाले कर्मचारियों को नियुक्त कर रही है। कुछ पारंपरिक भूमिकाओं को परफॉर्मेंस मैनेजमेंट और बदलती प्रोजेक्ट जरूरतों के कारण कम किया गया है, लेकिन हाई-एंड टेक्निकल स्किल्स की मांग ने चुनिंदा छंटनी और लक्षित हायरिंग का एक नया माहौल तैयार किया है।
भविष्य की तैयारी
TCS ने कैंपस रिक्रूटमेंट भी बड़े पैमाने पर फिर से शुरू कर दिया है, जिसके तहत तिमाही में लगभग 14,000 फ्रेशर्स को ऑनबोर्ड किया गया है। यह दिखाता है कि कंपनी नई एज टेक्नोलॉजीज में प्रशिक्षित एंट्री-लेवल टैलेंट का एक पूल बनाकर भविष्य के विकास के लिए तैयार है। कंपनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उसके वर्कफोर्स में बदलाव बिजनेस की बदलती जरूरतों और इंटरनल री-स्किलिंग के कारण थे, न कि किसी फिक्स्ड लेऑफ कोटा के। इन्वेस्टर्स को आने वाली तिमाहियों में इस हायरिंग ट्रेंड की निरंतरता पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि मार्जिन बनाए रखते हुए वर्कफोर्स बढ़ाने की कंपनी की क्षमता उसके वर्तमान ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में बदलने और नए टैलेंट को AI-आधारित प्रोजेक्ट्स में प्रभावी ढंग से तैनात करने की सफलता पर निर्भर करेगी।
