TCS AI Study: AI की प्रोडक्टिविटी पर बड़ा दांव, फिर भी शेयर में **2.52%** की गिरावट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
TCS AI Study: AI की प्रोडक्टिविटी पर बड़ा दांव, फिर भी शेयर में **2.52%** की गिरावट

TCS की नई स्टडी के अनुसार **84%** कंपनियां AI को प्रोडक्टिविटी के लिए जरूरी मानती हैं, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण इसकी रफ्तार धीमी है। नतीजों के बीच TCS का शेयर **2.52%** गिरकर **₹2,436** पर बंद हुआ।

क्या कहती है TCS की रिपोर्ट?

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपनी 'Enterprise AI Study' जारी की है, जिसमें यह सामने आया है कि दुनिया भर में कंपनियां अब AI को केवल रेवेन्यू बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि काम की रफ्तार (Productivity) सुधारने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। सर्वे के मुताबिक 84% लीडर्स इसे अपनी पहली प्राथमिकता बता रहे हैं।

सुरक्षा और गवर्नेंस बने रुकावट

हालांकि उत्साह बहुत ज्यादा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। कंपनियों का डर यह है कि AI डेटा के साथ कितना सुरक्षित है। अभी केवल 10% कंपनियां ही AI एजेंट्स को इंसानी निगरानी के बिना फैसले लेने की अनुमति दे रही हैं। इसके अलावा, 44% कंपनियों का मानना है कि जरूरी बिजनेस नॉलेज का बिखरा होना (Fragmented knowledge) AI को सही से काम करने से रोक रहा है। वहीं, कर्मचारियों के मन में AI से नौकरी जाने का डर भी बढ़ा है, जो 19% तक पहुंच गया है, जबकि 2024 में यह आंकड़ा सिर्फ 4% था।

बाजार पर असर और फाइनेंशियल हेल्थ

IT सेक्टर में जारी सुस्ती के बीच TCS का शेयर 2.52% टूटकर ₹2,436 पर आ गया। कंपनी के फंडामेंटल्स पर नजर डालें, तो ऑपरेटिंग मार्जिन 25.0% और नेट मार्जिन 18.5% पर है। TCS के लिए चुनौती यह है कि वह अपने क्लाइंट्स को सुरक्षा और भरोसे के साथ AI अपनाने में कैसे मदद करती है। अगर क्लाइंट्स डेटा संबंधी अड़चनों को दूर करते हैं, तो TCS के लिए नए AI प्रोजेक्ट्स का रास्ता खुल सकता है, जो आने वाले समय में कमाई बढ़ा सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.