टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने जून तिमाही में सालाना आधार पर **$2.6 अरब** (लगभग **₹21,000 करोड़** से ज़्यादा) की AI रेवेन्यू दर्ज की है। बड़े कांट्रैक्ट्स मिलने से यह संभव हुआ है। कंपनी का नेट प्रॉफ़िट सालाना **5%** बढ़कर **₹13,349 करोड़** रहा, जबकि पारंपरिक IT खर्च में अभी भी सावधानी बरती जा रही है।
AI में TCS की धाक: $2.6 अरब का रेवेन्यू
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (30 जून को समाप्त) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से $2.6 अरब का सालाना रेवेन्यू हासिल किया है। यह पिछली तिमाहियों से लगातार बढ़ोतरी दिखा रहा है, जो बताता है कि कंपनियाँ अब AI के शुरुआती पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर AI सॉल्यूशंस लागू कर रही हैं। इस तिमाही में, TCS ने SKF के साथ $800 मिलियन का एक अहम AI डील और ServiceNow के साथ पार्टनरशिप जैसे बड़े सौदे हासिल किए हैं।
मुनाफ़ा 5% बढ़ा, रेवेन्यू में 13.9% की तेज़ी
कंपनी के नतीजों के अनुसार, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफ़िट सालाना आधार पर 5% बढ़कर ₹13,349 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 13.9% बढ़कर ₹72,275 करोड़ दर्ज किया गया। इन नतीजों के साथ, बोर्ड ने ₹12 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है। TCS ने अपने कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई है, 9,000 से ज़्यादा नए लोगों को जोड़कर कुल वर्कफोर्स 5.84 लाख से ज़्यादा कर ली है। कंपनी की एट्रिशन रेट (Attrition Rate) भी स्थिर बनी हुई है।
IT सेक्टर में AI का बोलबाला, पर पारंपरिक खर्च पर दबाव
हालांकि AI उत्पादकता और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन के लिए एंटरप्राइज़ बजट का एक प्रमुख फोकस बना हुआ है, TCS मैनेजमेंट ने यह भी बताया कि पारंपरिक IT प्रोजेक्ट्स पर होने वाला खर्च अभी भी दबाव में है। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर कंपनी के बिजनेस का सबसे बड़ा हिस्सा है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में हालात सुधरेंगे, खासकर मैन्युफैक्चरिंग, लाइफ साइंसेज और कम्युनिकेशन जैसे सेक्टरों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
आगे की चुनौतियाँ और निवेशकों के लिए क्या है अहम?
AI सेगमेंट में ग्रोथ के बावजूद, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता के कारण ग्राहकों के बड़े फैसले लेने की प्रक्रिया लंबी हो रही है। ऐसे में, निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डील पाइपलाइन आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू में कैसे तब्दील होती है। स्ट्रेस्ड वर्टिकल्स में क्लाइंट खर्च में अपेक्षित सुधार दूसरी तिमाही में होता है या नहीं, और इन कॉम्प्लेक्स, हाई-वैल्यू AI इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स को बड़े पैमाने पर लागू करते हुए कंपनी अपने प्रॉफ़िट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है, यह मुख्य बातें होंगी जिन पर नज़र रखी जाएगी। AI सेवाओं में ग्रोथ और पारंपरिक IT प्रोजेक्ट खर्च में सुस्ती के बीच संतुलन, आगे के नतीजों में एक अहम फैक्टर रहेगा।
