TCS ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से सालाना **$3.1 बिलियन** से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल कर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी का Q2 FY27 नेट प्रॉफिट **₹13,884 करोड़** रहा, जो पिछले तिमाही के मुकाबले **4%** अधिक है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रही है। अब कंपनी का 10% से अधिक बिजनेस केवल AI-आधारित सेवाओं से आ रहा है। यह बदलाव दर्शाता है कि कैसे बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स अब पुराने IT मेंटेनेंस के बजाय जेनरेटिव AI और डेटा मॉडर्नाइजेशन पर अपना बजट खर्च कर रहे हैं।
Q2 FY27 के फाइनेंशियल आंकड़े
कंपनी ने चुनौतीपूर्ण ग्लोबल माहौल के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया है। TCS का कुल रेवेन्यू $7.64 बिलियन रहा। ऑपरेटिंग मार्जिन 24% पर स्थिर रहा, जो कंपनी की कार्यक्षमता को दर्शाता है। इस दौरान कंपनी ने $9.6 बिलियन की नई डील्स हासिल की हैं, जो मजबूत भविष्य का संकेत है।
बोर्डरूम में बदलती चर्चाएं
CEO के. कीर्तिवासन के अनुसार, क्लाइंट्स अब लागत घटाने (Cost-cutting) के बजाय AI के जरिए बेहतर आउटकम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कंपनी अब 'एजेंट आर्किटेक्चर' और 'कॉम्प्लेक्स डेटा ट्रांसफॉर्मेशन' पर ज्यादा जोर दे रही है।
ऑपरेशनल और रेगुलेटरी अपडेट
COO आरती सुब्रमण्यम ने स्पष्ट किया कि ऑटोमेशन को कंपनी एक 'प्रोडक्टिविटी मल्टीप्लायर' के रूप में देख रही है। साथ ही, अमेरिकी आव्रजन नीतियों (US Immigration Policy) में आए बदलावों पर कंपनी ने साफ किया कि इसका उनके वर्कफोर्स पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पिछले दो सालों में कंपनी की PERM एप्लीकेशन्स की संख्या सिंगल डिजिट में ही रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
हालाँकि कंपनी AI में बड़ी ग्रोथ देख रही है, लेकिन डिस्क्रिशनरी स्पेंडिंग (गैर-जरूरी खर्च) में अभी भी सुस्ती है। इसके अलावा, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग में भारी निवेश के चलते आने वाली तिमाहियों में मार्जिन पर दबाव देखा जा सकता है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या AI से होने वाली कमाई पारंपरिक IT सेवाओं की गिरती मांग की भरपाई कर पाएगी या नहीं।
