The Chatterjee Group (TCG) की कंपनी Cortex DC ने भारत में **2 गीगावाट** (GW) क्षमता वाले AI-केंद्रित डेटा सेंटर बनाने की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। यह प्रोजेक्ट सात साल में पूरा किया जाएगा और इसे 'गोल्डन क्वाड्रिलैटरल' (Golden Quadrilateral) के साथ विकसित किया जाएगा।
जमीन और पावर का सही तालमेल
कंपनी का लक्ष्य अगले 7 वर्षों में इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करना है। नई कंपनियों को जहाँ जमीन खरीदने में लंबा समय लगता है, वहीं Cortex DC अपने ग्रुप (The Chatterjee Group) के पास पहले से मौजूद जमीन का इस्तेमाल करेगी। इससे काम की रफ्तार तेज होगी और पहली फैसिलिटी को निर्माण शुरू होने के 18 महीने के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रीन एनर्जी पर फोकस
चूंकि AI के लिए बनाए जाने वाले डेटा सेंटर सामान्य सेंटर्स के मुकाबले काफी ज्यादा बिजली की खपत करते हैं, इसलिए पावर मैनेजमेंट यहाँ सबसे बड़ी चुनौती है। Cortex DC ने अपनी कुल ऊर्जा का 51% हिस्सा ग्रीन सोर्सेज (Green Sources) से प्राप्त करने का वादा किया है, जो भविष्य के सस्टेनेबिलिटी गोल्स को पूरा करने के लिए जरूरी है।
बाजार की जंग और जोखिम
भारत के डेटा सेंटर मार्केट में इस समय Adani ConneX, Reliance Jio, NTT, Yotta Data Services और Nxtra by Airtel जैसे दिग्गज खिलाड़ी आक्रामक तरीके से अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं। इस दौड़ में Cortex DC के लिए असली चुनौती पावर ग्रिड कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को समय पर सुनिश्चित करना होगी।
इस सेक्टर में भारी निवेश की जरूरत होती है और किसी भी तरह की देरी या प्लानिंग में चूक से कंपनी पर बड़ा फाइनेंशियल बोझ पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या कंपनी अपने 18 महीने के पहले टारगेट को समय पर पूरा कर पाती है या नहीं, क्योंकि यही उनके काम करने की क्षमता का पहला बड़ा इम्तिहान होगा।
