Swiggy का बड़ा फैसला: विदेशी मालिकाना हक सीमित, शेयर 1% गिरे

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Swiggy का बड़ा फैसला: विदेशी मालिकाना हक सीमित, शेयर 1% गिरे

Swiggy के शेयरहोल्डर्स ने एक अहम फैसला लेते हुए कंपनी में विदेशी मालिकाना हक (Foreign Ownership) को **49.5%** तक सीमित कर दिया है। इस कदम से Swiggy अब भारतीय नियमों के तहत 'भारतीय स्वामित्व वाली' कंपनी बन गई है। इसका सीधा असर Instamart के बिजनेस मॉडल पर पड़ेगा, जो अब इन्वेंट्री-लेड मॉडल की ओर बढ़ सकता है। हालांकि, इस खबर के बावजूद बुधवार को Swiggy के शेयर **1%** गिरकर **₹270.95** पर बंद हुए।

Swiggy बनी 'भारतीय स्वामित्व वाली' कंपनी!

Swiggy ने अपने 13वें एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स के भारी समर्थन (99.9996% वोट) से विदेशी मालिकाना हक को 49.5% पर सीमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम है। इस लिमिट के बाद Swiggy अब फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत 'भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली' कंपनी की श्रेणी में आ गई है। यह स्टेटस कंपनी के भविष्य के ऑपरेशंस और बिजनेस मॉडल के लिए बेहद अहम है।

Instamart के लिए क्या बदलेगा?

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा Swiggy को अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस, Instamart को चलाने में मिलेगा। पहले, ज्यादा विदेशी निवेश के कारण Swiggy एक मार्केटप्लेस की तरह काम करती थी, जो सीधे ग्राहकों को विक्रेताओं से जोड़ती थी। लेकिन अब 'भारतीय स्वामित्व' का दर्जा मिलने के बाद, कंपनी इन्वेंट्री-लेड मॉडल अपना सकती है। इसका मतलब है कि Swiggy अब खुद का स्टॉक रख सकेगी और उसे मैनेज कर सकेगी। इससे सप्लाई चेन पर बेहतर कंट्रोल मिलेगा और भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। Blinkit, जो Zomato के अधीन काम करती है, भी इसी मॉडल पर चल रही है।

बाजार की प्रतिक्रिया और चुनौतियां

हालांकि कंपनी इस स्ट्रक्चरल बदलाव को अपनी एक बड़ी जीत मान रही है, लेकिन शेयर बाजार ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को थोड़ी सावधानी दिखाई। ट्रेडिंग सेशन के दौरान Swiggy के शेयर 1% से ज्यादा टूट गए और ₹270.95 के स्तर पर बंद हुए। यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशक जहां इस बदलाव के लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल को समझ रहे हैं, वहीं कंपनी के सामने मौजूद तात्कालिक चुनौतियों पर भी गौर कर रहे हैं। क्विक कॉमर्स सेक्टर में Zomato और Zepto जैसे दिग्गजों से कड़ी प्रतिस्पर्धा Swiggy के लिए लगातार दबाव बनाए हुए है। इसके अलावा, नेट लॉस को कम करने के प्रयासों के बावजूद, कंपनी को अभी भी ग्रोथ और मार्केटिंग के लिए बड़े निवेश की जरूरत है, और इन्वेंट्री-लेड मॉडल में शिफ्ट होने के अपने ऑपरेशनल रिस्क भी हैं।

अनुपालन की ओर कदम

इस नए स्टेटस को हासिल करने के लिए Swiggy को अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Articles of Association) में भी बदलाव करने पड़े, ताकि बोर्ड नॉमिनेशन राइट्स और निर्णय लेने की प्रक्रियाएं घरेलू नियंत्रण की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। कंपनी इस दिशा में कुछ समय से काम कर रही थी, और मई में इस स्ट्रक्चर को बदलने का पिछला प्रयास विफल रहा था। जुलाई 2026 की शुरुआत में, विदेशी निवेश 49.76% था, जिसका मतलब है कि कंपनी को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि यह आंकड़ा नए 49.5% की लिमिट से थोड़ा नीचे रहे ताकि वह पूरी तरह से अनुपालन (Compliant) कर सके।

निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में इस इन्वेंट्री-लेड स्ट्रैटेजी के वास्तविक कार्यान्वयन पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी कैसे नए इन्वेंट्री मॉडल की लॉजिस्टिक्स और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को मैनेज करती है, और क्या यह कदम उसे मार्केट शेयर वापस जीतने या कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपने फाइनेंशियल मार्जिन को बेहतर बनाने में मदद करता है, ये मुख्य बिंदु होंगे जिन पर ध्यान देना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.