भारत के फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स मार्केट में Swiggy और Eternal के बीच मुकाबला कड़ा होता जा रहा है। हालांकि Eternal अभी भी मार्केट लीडर है, Swiggy तेजी से प्रदर्शन में गैप को कम कर रही है। निवेशकों की नजरें अब 6 अगस्त को होने वाली Swiggy की कैपिटल मार्केट डे (Capital Market Day) पर टिकी हैं।
फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स में कौन आगे?
भारतीय फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स मार्केट में फिलहाल Eternal और Swiggy का दबदबा है। Eternal मार्केट शेयर, प्रॉफिटेबिलिटी और फाइनेंशियल रिजर्व में आगे जरूर है, लेकिन 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1FY27) के नए आंकड़े बताते हैं कि Swiggy कई अहम मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रही है।
फूड डिलीवरी सेगमेंट
फूड डिलीवरी की बात करें तो Eternal अभी भी 58% से ज्यादा ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) के साथ लीड कर रही है। वहीं, Swiggy की तुलना में उनका यूजर बेस भी करीब 40% बड़ा है। लेकिन, कमाई (Ebitda) के मामले में Swiggy तेजी से आगे निकल रही है। पिछले नौ तिमाहियों में Swiggy की Ebitda में जहां पांच गुना का उछाल आया है, वहीं Eternal की कमाई सिर्फ दोगुनी हुई है।
क्विक कॉमर्स सेगमेंट
मिनटों में डिलीवरी वाला क्विक कॉमर्स सेगमेंट फिलहाल दोनों कंपनियों के लिए सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर है। Eternal का प्लेटफॉर्म Blinkit, Swiggy के Instamart की तुलना में दोगुने डार्क स्टोर्स चलाता है। Q1FY27 में Blinkit ने 0.6% का एडजस्टेड Ebitda मार्जिन रिपोर्ट किया, जबकि Instamart का मार्जिन -13% रहा। इसके बावजूद, Swiggy ने नेट एवरेज ऑर्डर वैल्यू में Eternal की बराबरी कर ली है, जो दिखाता है कि उनकी प्रीमियम स्ट्रैटेजी काम कर रही है।
Swiggy की नई स्ट्रैटेजी और इनोवेशन
Swiggy मार्केट शेयर हथियाने के लिए आक्रामक रुख अपना रही है, खासकर अपने 'Toing' मॉडल के जरिए। इस पहल का मकसद 50 शहरों में नए और निष्क्रिय यूजर्स तक पहुंचना है ताकि कम वैल्यू वाले ऑर्डर्स को भी बढ़ाया जा सके। इससे कस्टमर बेस तो बढ़ा है, लेकिन Q1FY27 में प्लेटफॉर्म इनोवेशन पर Swiggy का सालाना कैश बर्न बढ़कर ₹500 करोड़ हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹200 करोड़ था।
दोनों कंपनियां फिलहाल भारी कैपिटल स्पेंडिंग के दौर से गुजर रही हैं, जिससे लेबर खर्च भी बढ़ा है। Swiggy का एडजस्टेड Ebitda पिछले क्वार्टर के मुकाबले -₹650 करोड़ पर सपाट रहा, क्योंकि इनोवेशन और फिक्स्ड क्विक कॉमर्स खर्चों ने दूसरी जगहों पर हुई कमाई को बराबर कर दिया।
निवेशकों के लिए क्या खास?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या क्विक कॉमर्स मार्जिन टिकाऊ रहेगा और Swiggy के नए सर्विस मॉडल कितने सफल होंगे। Swiggy ने Instamart के लिए Ebitda ब्रेकइवन का लक्ष्य ₹60,000 करोड़ नेट ऑर्डर वैल्यू रन-रेट पर रखा है, जिसे कंपनी FY29 तक हासिल करने की उम्मीद कर रही है।
यह इंडस्ट्री कंज्यूमर प्राइसिंग और बार-बार ब्रांड बदलने के प्रति संवेदनशील है। ऐसे में, दोनों कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कस्टमर टर्न (churn) को कितनी अच्छी तरह मैनेज कर पाती हैं। निवेशक बेसब्री से 6 अगस्त को होने वाले Swiggy के कैपिटल मार्केट डे का इंतजार कर रहे हैं, जहां मैनेजमेंट से उनकी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ रोडमैप, प्रॉफिटेबिलिटी टारगेट और कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी पर और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
