Swiggy के क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) प्लेटफॉर्म Instamart ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के पहले क्वार्टर (Q1FY27) में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। कंपनी ने 'कंट्रीब्यूशन ब्रेकइवन' (Contribution Breakeven) हासिल कर लिया है, जिसका मतलब है कि अब यह अपनी लागतों को निकालने में सक्षम है। इस बड़ी उपलब्धि की वजह से इंस्टामार्ट के **45%** डार्क स्टोर्स (Dark Stores) अब मुनाफे में चल रहे हैं।
लागतों में कटौती और बढ़ी एफिशिएंसी
Swiggy के लिए यह एक बड़ी वित्तीय सफलता है। Instamart, जो कि कंपनी का क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) बिजनेस है, फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) की पहली तिमाही (Q1FY27) में 'कंट्रीब्यूशन ब्रेकइवन' (Contribution Breakeven) पर पहुंच गया है। यहThe milestone दर्शाता है कि कंपनी अब अपने ऑपरेशन्स से होने वाले खर्चों को कवर कर पा रही है। इस सुधार का बड़ा श्रेय कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और लागतों को नियंत्रित करने की रणनीति को जाता है।
75 नए स्टोर्स खोलने की योजना
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, Instamart के 45% डार्क स्टोर्स (Dark Stores) अब कंपनी की कमाई में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं। पिछले क्वार्टर में यह आंकड़ा सिर्फ 30% था, जो एक बड़ी छलांग है।
कंपनी की भविष्य की योजनाओं में और विस्तार करना शामिल है। अगले क्वार्टर (Q2FY27) में Instamart 75 नए डार्क स्टोर्स खोलने की तैयारी में है। इन नए स्टोर्स को खासतौर पर उन हाई-डेंसिटी (High-Density) वाले इलाकों में खोला जाएगा जहाँ रोज 2,500 से ज्यादा ऑर्डर्स आते हैं। इसका मकसद बढ़ते ऑर्डर वॉल्यूम (Order Volume) को संभालना और मौजूदा स्टोर्स पर दबाव कम करना है, जिससे डिलीवरी टाइम (Delivery Time) और कस्टमर एक्सपीरियंस (Customer Experience) सुधर सके।
कंपनी की ग्रोथ और लीडरशिप
वर्तमान महीने, जुलाई 2026 के मध्य तक के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की ग्रोथ की गति बनी हुई है। मंथ-ऑन-मंथ (Month-on-Month) 10% की ग्रोथ रेट इस बात का संकेत है कि कंज्यूमर इंटरेस्ट (Consumer Interest) अभी भी मजबूत है।
Instamart के लीडरशिप में भी बदलाव हुआ है। Nandita Sinha ने अब इस सेगमेंट की कमान संभाली है। निवेशक इस नियुक्ति को ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और लागत प्रबंधन (Cost Management) के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) सेक्टर में जबरदस्त कॉम्पिटिशन (Competition) है और ऐसे में यूनिट इकोनॉमिक्स (Unit Economics) यानी प्रति ऑर्डर मुनाफा या घाटा, कंपनी के लिए बेहद अहम हो जाता है।
