Swiggy के शेयरहोल्डर्स ने कंपनी की विदेशी हिस्सेदारी की सीमा **49.5%** तक सीमित करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से Swiggy की क्विक-कॉमर्स सर्विस Instamart को 'इन्वेंटरी-लेड' बिजनेस मॉडल अपनाने का रास्ता साफ हो गया है।
Swiggy के बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Swiggy के शेयरहोल्डर्स ने 18 अगस्त, 2026 को हुई एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में एक अहम प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। अब कंपनी में कुल विदेशी हिस्सेदारी 49.5% से ज्यादा नहीं होगी। इस फैसले से Swiggy 'इंडियन-ओन्ड एंड कंट्रोल्ड कंपनी' (IOCC) बनने की राह पर है।
Instamart का नया अवतार: मार्केटप्लेस से इन्वेंटरी-लेड
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर Swiggy की क्विक-कॉमर्स सर्विस Instamart पर पड़ेगा। Instamart अब तक मार्केटप्लेस मॉडल पर काम कर रही थी, जहाँ वह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभाती थी और कमीशन कमाती थी। लेकिन नए 'इन्वेंटरी-लेड' (1P) मॉडल में, Swiggy सीधे ब्रांड्स से सामान खरीदेगी, उसका स्टॉक रखेगी और फिर ग्राहकों को बेचेगी।
निवेशकों को क्या फायदा और क्या है जोखिम?
इस नए मॉडल से Instamart के मार्जिन में करीब 80 बेसिस पॉइंट्स का सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही, कंपनी अब कमीशन की जगह सामान की पूरी बिक्री वैल्यू को रेवेन्यू के तौर पर दिखाएगी, जिससे कुल रेवेन्यू में भारी उछाल दिखेगा। ऐसा ही बदलाव Blinkit और Zepto जैसी कंपनियों में भी देखा गया है।
हालांकि, इस बड़े कदम के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। इन्वेंटरी रखने के लिए कंपनी को ज्यादा वर्किंग कैपिटल की जरूरत होगी। शेयरहोल्डर्स को कंपनी के कैश फ्लो पर नजर रखनी होगी, क्योंकि अब कंपनी को स्टॉक के खराब होने, बर्बादी या न बिकने वाले सामान से जुड़े रिस्क को भी झेलना होगा।
विदेशी निवेश पर असर
एक और अहम बात यह है कि 49.5% की विदेशी हिस्सेदारी की सीमा तय होने से पैसिव फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) के फंड आउटफ्लो का खतरा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि MSCI और FTSE जैसे ग्लोबल इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड्स $400 मिलियन से ज्यादा की बिकवाली कर सकते हैं, जिससे स्टॉक की होल्डिंग स्ट्रक्चर में अस्थिरता आ सकती है।
Swiggy को इस नए स्ट्रक्चर को पूरी तरह लागू करने में 2 से 4 तिमाहियों का समय लग सकता है। निवेशकों के लिए आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कंपनी इस बदलाव को कितनी तेजी से लागू करती है, इन्वेंटरी मैनेजमेंट को कितना प्रभावी ढंग से संभालती है और बाजार रिपोर्टेड रेवेन्यू के आंकड़ों को कैसे देखता है।
