Samsung पर Swatch का केस: डिजिटल घड़ियों के डिजाइन पर ₹170 करोड़ का दावा!

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Samsung पर Swatch का केस: डिजिटल घड़ियों के डिजाइन पर ₹170 करोड़ का दावा!

घड़ी बनाने वाली स्विस कंपनी Swatch Group, इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज Samsung से **$170 मिलियन (लगभग ₹1400 करोड़)** की मांग कर रही है। Swatch का आरोप है कि Samsung ने अपने स्मार्टवॉच पर Swatch के लग्जरी ब्रांड्स के डुप्लीकेट डिजिटल वॉच फेस की इजाजत दी। यह मामला UK हाई कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है जिसमें Samsung को ट्रेडमार्क उल्लंघन का दोषी पाया गया था।

क्या हुआ: $170 मिलियन की मांग

Swatch Group ने Samsung Electronics के खिलाफ $170 मिलियन यानी करीब ₹1400 करोड़ के हर्जाने का केस ठोका है। मामला यह है कि Swatch का आरोप है कि Samsung ने अपने Galaxy App Store पर थर्ड-पार्टी डेवलपर्स को Swatch के लग्जरी वॉच ब्रांड्स, जैसे Omega, Tissot और Breguet के डिजाइन की नकल वाले डिजिटल वॉच फेस बनाने और बेचने की अनुमति दी। Swatch का कहना है कि उनकी बौद्धिक संपदा (intellectual property) के इस "बड़े पैमाने पर दुरुपयोग" ने उनके ब्रांड वैल्यू को नुकसान पहुंचाया है।

कानूनी लड़ाई: Samsung क्यों हुआ दोषी?

यह मामला 2022 के UK हाई कोर्ट के उस फैसले के बाद अब हर्जाने की रकम तय करने के लिए चल रहा है, जिसने Samsung को ट्रेडमार्क उल्लंघन का दोषी पाया था। Samsung का कहना था कि वे सिर्फ थर्ड-पार्टी कंटेंट होस्ट कर रहे हैं और ऐप डेवलपर्स के कामों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलें खारिज कर दीं।

हाई कोर्ट और उसके बाद अपील में भी जजों ने माना कि Samsung के पास ऐप रिव्यू प्रोसेस पर काफी कंट्रोल था और वे इन वॉच फेस का इस्तेमाल करके अपने स्मार्टवॉच का प्रचार भी कर रहे थे। कोर्ट ने माना कि Samsung इस इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था, इसलिए उल्लंघन वाले कंटेंट के लिए कंपनी को जिम्मेदार ठहराया गया। फिलहाल यह ट्रायल सिर्फ 2015 से 2019 के बीच हुए उल्लंघनों के लिए Swatch को मिलने वाले हर्जाने की रकम तय करने पर केंद्रित है।

लग्जरी बनाम टेक का टकराव

यह कानूनी लड़ाई पारंपरिक लग्जरी मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी के बीच एक बड़े टकराव को दर्शाती है। Tissot जैसे Swatch के ब्रांड्स के एग्जीक्यूटिव्स का तर्क है कि प्रीमियम, हेरिटेज डिजाइन को मास-मार्केट स्मार्टवॉच पर इस्तेमाल करने से महंगी स्विस घड़ियों की विशिष्टता (exclusivity) कम होती है। Swatch के लिए यह दशकों से बनाई गई अपनी विरासत को बचाने का मामला है। वहीं, Samsung ने अपने बचाव में $170 मिलियन की मांग को "अत्यधिक" और "वास्तविकता से परे" बताया है, यह भी कहा है कि कई उल्लंघन करने वाले ऐप मुफ्त थे या उनसे बहुत कम कमाई हुई।

डिजिटल ऐप स्टोर के लिए क्या बदल सकता है?

इस केस का नतीजा उन अन्य बड़ी टेक कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जो ऐप स्टोर चलाती हैं। यह इस आम दलील को चुनौती देता है कि प्लेटफॉर्म सिर्फ थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर के लिए तटस्थ होस्ट हैं। यदि कोर्ट इतने बड़े हर्जाने को बरकरार रखता है, तो टेक कंपनियों को ऐसे डिजिटल कंटेंट के लिए और कड़े जांच प्रक्रिया अपनाने पड़ सकते हैं जो भौतिक ट्रेडमार्क वाले सामानों की नकल करते हैं। इसके अलावा, जबकि ये सुनवाई UK में हो रही है, ये अमेरिका में Samsung की एक सहायक कंपनी के खिलाफ दायर एक समानांतर कानूनी दावे को भी प्रभावित कर सकती हैं, जो फिलहाल अंग्रेजी अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा है।

निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?

निवेशक हर्जाने की अंतिम राशि पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि इससे पता चलेगा कि अदालतें ग्लोबल टेक प्लेटफॉर्म के लिए डिजिटल ट्रेडमार्क उल्लंघन को कितना महत्व देती हैं। हालांकि Samsung एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है और यह एक अकेला कानूनी मामला शायद उसके समग्र वित्तीय स्वास्थ्य को ज्यादा प्रभावित न करे, लेकिन यह मिसाल (precedent) पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर में अनुपालन लागत (compliance costs) बढ़ा सकती है या ऐप स्टोर गवर्नेंस में बदलाव ला सकती है। Swatch के लिए, अमेरिका सहित अन्य प्रमुख बाजारों में अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों को सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु बनी हुई है।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.