Sterlite Technologies (STL) को एक घरेलू टेलीकॉम ऑपरेटर से ₹960 करोड़ का बड़ा मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर फाइनेंशियल ईयर 2028 और 2029 में पूरा किया जाएगा, जिससे कंपनी के रिकॉर्ड ऑर्डर बुक में ₹18,618 करोड़ का इजाफा हुआ है। यह डील कंपनी के दमदार फर्स्ट क्वार्टर नतीजों के बाद आई है, जिसने हाल ही में फंडरेज़िंग के बाद नेट-डेट-फ्री स्टेटस हासिल किया है।
₹960 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट
Sterlite Technologies (STL) ने एक भारतीय टेलीकॉम कंपनी के साथ ₹960 करोड़ के सप्लाई एग्रीमेंट की पुष्टि की है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई करेगी। यह डील शुरुआती दो साल के लिए है, जिसे दोनों पक्षों की सहमति से अगले दो साल तक बढ़ाया भी जा सकता है। STL इस ऑर्डर को फाइनेंशियल ईयर 2028 और 2029 के दौरान पूरा करने की योजना बना रही है।
ऑर्डर बुक और फाइनेंशियल मजबूती
इस नए कॉन्ट्रैक्ट के साथ, कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत हो गई है, जो जून तिमाही के अंत तक रिकॉर्ड ₹18,618 करोड़ तक पहुंच गई थी। Sterlite Technologies के हालिया फाइनेंशियल परफॉर्मेंस भी काफी शानदार रहे हैं। कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में ₹197 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹10 करोड़ की तुलना में काफी बेहतर है। वहीं, रेवेन्यू में 87% का उछाल आया और यह ₹1,910 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) भी ₹397 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर रहा, जबकि मार्जिन बढ़कर 20.8% हो गया, जो पिछले साल 13.7% था।
कंपनी ने ₹1,500 करोड़ की Qualified Institutions Placement (QIP) के जरिए अपनी फाइनेंशियल हेल्थ में भी सुधार किया है। इस फंड से कंपनी अब नेट-डेट-फ्री हो गई है, जो निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है। इन नतीजों के बाद, मैनेजमेंट ने FY27 के लिए EBITDA मार्जिन गाइडेंस को बढ़ाकर 23% कर दिया है। इसका कारण बेहतर कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और डेटा सेंटर सर्विसेज सेगमेंट में ग्रोथ की उम्मीद है।
इंडस्ट्री और रिस्क फैक्टर
हालांकि कंपनी ने दमदार ग्रोथ दिखाई है, लेकिन टेलीकॉम इक्विपमेंट सेक्टर घरेलू टेलीकॉम ऑपरेटर्स के कैपिटल स्पेंडिंग साइकल्स के प्रति संवेदनशील रहता है। भविष्य में रेवेन्यू और मार्जिन का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि ऑपरेटर्स कितनी तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर रोलआउट करते हैं और ग्लोबल ऑप्टिकल फाइबर की कीमतों में कितनी स्थिरता रहती है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपने नए डेटा सेंटर बिजनेस को बढ़ाते हुए और बड़े ऑर्डर बुक के एग्जीक्यूशन को मैनेज करते हुए मौजूदा मार्जिन गाइडेंस को बनाए रख पाती है या नहीं। अगले कुछ क्वार्टर में कंपनी की नेट-डेट-फ्री स्थिति बनाए रखने की क्षमता और बड़े ऑर्डर बैकलॉग को समय पर पूरा करना मुख्य फोकस रहेगा।
