Starlink ने भारत में **20** ग्राउंड गेटवे साइट्स तैयार कर ली हैं और सुरक्षा मानकों को पूरा कर लिया है। कंपनी अब कमर्शियल लॉन्च के बेहद करीब है और उसने Bharti Airtel और Reliance Jio के साथ साझेदारी भी की है।
सुरक्षा मानकों पर मिली हरी झंडी
India Mobile Congress 2026 के दौरान Starlink ने पुष्टि की है कि उसने भारत के कड़े डेटा लोकलाइजेशन और नेशनल सिक्योरिटी नियमों के साथ अपने ऑपरेशनल फ्रेमवर्क को अलाइन कर लिया है। यह कदम कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, जो अब सरकार से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स
नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कंपनी ने देश भर में 20 ग्राउंड गेटवे साइट्स पूरी कर ली हैं, जो सैटेलाइट और इंटरनेट के बीच मुख्य कड़ी का काम करेंगी। इसके अलावा, कंपनी ने Bharti Airtel और Reliance Jio के साथ हाथ मिलाया है, ताकि सर्विस शुरू होने पर इसे मौजूदा नेटवर्क के साथ आसानी से जोड़ा जा सके।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Starlink शेयर बाजार में एक अलग कंपनी के रूप में लिस्टेड नहीं है। यह SpaceX की सब्सिडियरी है, जो जून 2026 में Nasdaq पर SPCX टिकर के साथ लिस्ट हुई थी। इसलिए, Starlink की भारत में सफलता का असर सीधे SpaceX के शेयरों पर दिखेगा।
चुनौतियां अभी बाकी हैं
हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, लेकिन कंपनी को अभी भी स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट और लाइसेंस का इंतजार है। भारत का ब्रॉडबैंड मार्केट काफी प्राइस-सेंसिटिव है, जहां इसे पहले से जमे-जमाए फाइबर-ऑप्टिक प्लेयर्स से कड़ी टक्कर मिलेगी। इसके अलावा, ग्लोबल लेवल पर सिक्योरिटी को लेकर उठ रहे सवालों के कारण रेगुलेटरी सख्ती का सामना भी कंपनी को करना पड़ सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर स्पेक्ट्रम आवंटन की समय-सीमा पर होनी चाहिए।
