Citizen Lab की नई रिपोर्ट के अनुसार, Candiru और Bindecy जैसे स्पाइवेयर वेंडर्स डिजिटल विज्ञापन प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। ये हमलावर बिना किसी क्लिक के हाई-वैल्यू डिवाइस को निशाना बना रहे हैं, जिससे Al Jazeera और IAEA जैसी बड़ी संस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं।
एड-टेक में बड़ी सेंध
यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के Citizen Lab की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इजरायली कंपनी Discover-Tech को इन हमलों का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। इन्होंने Controlium नाम के प्लेटफॉर्म के जरिए Candiru और Bindecy जैसे स्पाइवेयर निर्माताओं को डिजिटल विज्ञापनों में अपना मालवेयर इंजेक्ट करने की सुविधा दी।
क्या है 'जीरो-क्लिक' का खतरा?
यह हमला सबसे खतरनाक इसलिए है क्योंकि इसके लिए यूजर को किसी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं होती। विज्ञापन आपके डिवाइस पर लोड होते ही बैकग्राउंड में अपना काम शुरू कर देते हैं, जिससे हैकिंग का पता लगाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
हाई-प्रोफाइल संस्थान निशाने पर
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 और 2025 के बीच Al Jazeera के कम से कम 45 विंडोज सिस्टम को इस तकनीक से निशाना बनाया गया। इसके अलावा, International Atomic Energy Agency (IAEA) और International Criminal Court के नेटवर्क पर भी ऐसे संदिग्ध विज्ञापन देखे गए। एड क्वालिटी फर्म Confiant के साथ मिलकर किए गए इस शोध में पाया गया कि सैन्य कर्मियों और साइबर डिफेंस एजेंसियों से जुड़े डिवाइस भी सुरक्षित नहीं हैं।
रियल-टाइम बिडिंग का दुरुपयोग
यह हमला ऑनलाइन विज्ञापन में इस्तेमाल होने वाले 'रियल-टाइम बिडिंग' (RTB) सिस्टम की खामियों का फायदा उठाता है। इस सिस्टम को डिवाइस की सटीक प्रोफाइल टारगेट करने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसे खुफिया जानकारी जुटाने के लिए हथियार बना दिया गया है। Discover-Tech के एक्सपोज्ड डैशबोर्ड्स और अरबों बिडिंग रिकॉर्ड्स से साफ है कि यह खतरा भविष्य में और भी बड़े पैमाने पर फैल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब पर्सनल एड ट्रैकिंग को बंद करना और एड-ब्लॉकिंग का इस्तेमाल करना केवल सलाह नहीं, बल्कि सुरक्षा की अनिवार्य जरूरत बन गया है।
