SpaceX ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने साल 2027 तक **13 गीगावाट (GW)** कंप्यूटिंग कैपेसिटी हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए **$350 बिलियन** का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
SpaceX ने अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता को पहले के 2.5 से 3 गीगावाट के अनुमान से बढ़ाकर अब 13 गीगावाट कर दिया है। यह फैसला टेक जगत में बढ़ती कंप्यूटिंग पावर की भारी मांग को देखते हुए लिया गया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी $350 बिलियन का भारी निवेश करेगी। केवल साल 2026 की आखिरी तिमाही में ही $35 बिलियन से $40 बिलियन तक का कैपिटल एक्सपेंडिचर होने का अनुमान है।
रेवेन्यू का नया इंजन
इतने बड़े निवेश का मकसद कंप्यूटिंग कैपेसिटी को रेंट पर देना है। कंपनी का अनुमान है कि 2027 के अंत तक इससे सालाना $500 बिलियन से $1 ट्रिलियन तक का रेवेन्यू मिल सकता है। हाल ही में कंपनी के AI क्लाउड सर्विसेज का रेवेन्यू $2.6 बिलियन से बढ़कर $7.6 बिलियन पर पहुंच गया है, और इसका EBITDA मुनाफा $5 बिलियन दर्ज किया गया है।
अन्य सेगमेंट में भी दम
AI के अलावा, कंपनी का सैटेलाइट कनेक्टिविटी बिजनेस भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें सालाना 70% की बढ़त देखी गई है। इसके अलावा, Starship Flight 14 मिशन की सफलता कंपनी के ऑपरेशनल प्रोग्रेस में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई है।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी पूंजी का निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर का डिप्लॉयमेंट रिस्की हो सकता है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि क्या कंपनी अपने तय समय सीमा में इस क्षमता को कमर्शियल तौर पर शुरू कर पाती है और क्या अनुमानित रेवेन्यू वास्तव में जमीन पर उतरता है या नहीं।
