SpaceX ने 'Starlink Mobile' की लॉन्चिंग के लिए Grain Management से **800 MHz** का स्पेक्ट्रम खरीदने का समझौता किया है। FCC से मंजूरी का इंतजार कर रहे इस कदम ने पारंपरिक टेलीकॉम कंपनियों की नींद उड़ा दी है, जिससे उनके शेयरों में **5% से 8%** तक की भारी गिरावट देखी गई है।
टेलीकॉम इंडस्ट्री में हलचल
SpaceX ने 800 MHz लो-बैंड स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए Grain Management के साथ करार किया है। इसका मकसद 'Starlink Mobile' को पावर देना है, ताकि सीधे आम मोबाइल डिवाइसेज को सैटेलाइट के जरिए कनेक्ट किया जा सके। अब तक सैटेलाइट इंटरनेट घरों के अंदर कमज़ोर था, लेकिन इस लो-बैंड फ्रीक्वेंसी के जरिए दीवारें भेदकर बेहतर सिग्नल मिलने की उम्मीद है।
क्यों घबराया मार्केट?
इन्वेस्टर्स को डर है कि SpaceX का यह मॉडल टेलीकॉम कंपनियों के महंगे सेल टावर इंफ्रास्ट्रक्चर को बेकार कर सकता है। इस खबर के बाद AT&T, T-Mobile US और Verizon Communications के शेयरों में 5% से 8% तक की जोरदार बिकवाली देखने को मिली। मार्केट को लग रहा है कि यह नई तकनीक आने वाले समय में इन बड़ी कंपनियों के कस्टमर बेस और प्राइसिंग पावर पर सीधा हमला कर सकती है।
अभी भी कई पेंच बाकी
हालांकि मार्केट ने तेजी से प्रतिक्रिया दी है, लेकिन यह सर्विस अभी ऑपरेशनल नहीं है। इस डील के लिए US की रेगुलेटरी बॉडी FCC की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। इसके अलावा, एक ऐसा हाइब्रिड नेटवर्क बनाना जो सैटेलाइट और टावर के बीच आसानी से स्विच हो सके, तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है। निवेशकों को अब FCC के फैसले और आने वाले समय में Starlink Mobile के प्रदर्शन पर नजर रखनी होगी।
