South Korea: अब विदेशी कंपनियों के लिए जासूसी करना पड़ेगा महंगा, Tech Assets पर सख्त हुआ कानून

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
South Korea: अब विदेशी कंपनियों के लिए जासूसी करना पड़ेगा महंगा, Tech Assets पर सख्त हुआ कानून

South Korea ने अपने Criminal Act में बड़ा बदलाव करते हुए औद्योगिक जासूसी (Industrial Espionage) के खिलाफ कड़े नियम लागू किए हैं। अब किसी भी विदेशी इकाई के लिए डेटा चोरी करने पर भारी सजा का प्रावधान है, जिसका सीधा असर सेमीकंडक्टर और बैटरी जैसी महत्वपूर्ण इंडस्ट्रीज पर पड़ेगा।

कानून में क्या बदला?

South Korea सरकार ने औद्योगिक जासूसी के दायरे को बढ़ा दिया है। अब तक कानून मुख्य रूप से उत्तर कोरिया (North Korea) से जुड़े खतरों तक सीमित था, लेकिन अब यह किसी भी विदेशी राष्ट्र या इकाई से जुड़ी गतिविधियों पर लागू होगा। यह बदलाव इस रविवार से प्रभावी हो गया है, जो संवेदनशील तकनीकों की चोरी रोकने के लिए एक बड़ा कदम है।

जेल की सजा और सेक्टर पर फोकस

नए प्रावधानों के तहत, औद्योगिक रहस्य लीक करने के दोषी पाए जाने पर कम से कम 3 साल की जेल होगी, जिसे 30 साल तक बढ़ाया जा सकता है। सरकार का मुख्य फोकस देश की हाई-वैल्यू टेक्नोलॉजी जैसे सेमीकंडक्टर (Semiconductors), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिस्प्ले और एडवांस्ड बैटरी को सुरक्षित करने पर है।

कंपनियों के लिए क्या हैं चुनौतियां?

इतिहास गवाह है कि Samsung Electronics जैसी दिग्गज कंपनियों के पूर्व कर्मचारियों पर DRAM तकनीक चुराने के आरोप लग चुके हैं। इस कानून के बाद, अब ग्लोबल कंपनियों को अधिक अनुपालन (Compliance) और डेटा सुरक्षा का पालन करना होगा। इन्वेस्टर्स को यह ट्रैक करना होगा कि क्या इससे कंपनियों की R&D लागत बढ़ती है या ग्लोबल टेक कोलैबोरेशन्स पर कोई कानूनी असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.