Soket Labs और ZenteiQ ने सरकारी 'IndiaAI' मिशन के तहत अपने नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाउंडेशन मॉडल्स लॉन्च कर दिए हैं। इस कदम का मुख्य मकसद विदेशी एआई सिस्टम पर भारत की निर्भरता कम करना है।
भारत के AI स्पेस में एक नई क्रांति की शुरुआत हो गई है। सरकारी 'IndiaAI' मिशन के तहत Soket Labs और ZenteiQ ने अपने स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाउंडेशन मॉडल्स पेश किए हैं। इस लॉन्चिंग इवेंट में MeitY के सेक्रेटरी S Krishnan भी मौजूद थे, जो सरकार की ओर से इन स्टार्टअप्स को दिए जा रहे समर्थन को दर्शाता है।\n\n### क्या हैं ये मॉडल्स?\n\nSoket Labs ने EKA-1 लॉन्च किया है, जो खासतौर पर गणितीय तर्क (mathematical reasoning) और बहुभाषी (multilingual) क्षमता के लिए तैयार किया गया है। वहीं, ZenteiQ ने अपनी Dhir सीरीज (2B और 5B वेरिएंट) पेश की है, जिसे इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।\n\n### भविष्य की चुनौतियां\n\nहालांकि, इन मॉडल्स के लिए असली चुनौती अब शुरू होगी। एआई ट्रेनिंग के लिए भारी-भरकम कंप्यूटिंग पावर और GPUs की जरूरत होती है, जो काफी महंगा सौदा है। इन स्टार्टअप्स को न केवल अपनी टेक्नोलॉजी को ग्लोबल लेवल तक ले जाना होगा, बल्कि लंबे समय तक खुद को फाइनेंशियली सस्टेनेबल (financially sustainable) भी साबित करना होगा।\n\nमार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन कंपनियों के लिए सबसे बड़ा रिस्क सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी पर निर्भरता हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये मॉडल्स प्रोटोटाइप से बाहर निकलकर असल औद्योगिक इस्तेमाल (industrial applications) में अपनी जगह बना पाते हैं या नहीं।
