SentraForge AI: MEIL और GVPR की बड़ी छलांग, ओडिशा में बनेगा **₹22,634 करोड़** का AI कैंपस

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
SentraForge AI: MEIL और GVPR की बड़ी छलांग, ओडिशा में बनेगा **₹22,634 करोड़** का AI कैंपस

Megha Engineering (MEIL) और GVPR Engineers के जॉइंट वेंचर SentraForge AI को ओडिशा के पुरी में **₹22,634 करोड़** के सोवरेन AI कैंपस के लिए मंजूरी मिल गई है। यह **120 MW** का डेटा सेंटर भारत की क्लाउड क्षमता को नई मजबूती देगा।

ओडिशा की हाई-लेवल क्लीयरेंस अथॉरिटी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी कर रहे हैं, ने पुरी में एक विशाल सोवरेन AI कैंपस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए ₹22,634 करोड़ के भारी-भरकम निवेश को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का नेतृत्व SentraForge AI कर रही है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Megha Engineering and Infrastructures Ltd (MEIL) और हैदराबाद स्थित GVPR Engineers Ltd का एक जॉइंट वेंचर है।

सोवरेन AI की अहमियत

इस प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र 120 MW क्षमता वाला डेटा सेंटर है, जो मॉडर्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लिकेशन के लिए बेहद जरूरी कंप्यूटिंग पावर मुहैया कराएगा। 'सोवरेन AI' का मतलब है कि क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा और हार्डवेयर सिस्टम पर पूरी तरह से घरेलू नियंत्रण हो। स्थानीय स्तर पर इस इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करके कंपनी भारत की विदेशी डेटा सेंटरों पर निर्भरता को कम करना चाहती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का नया मोड़

निवेशकों के लिए यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है। MEIL जैसी कंपनियां जो आमतौर पर सड़कों, पुलों और पावर प्लांट के लिए जानी जाती हैं, अब हाई-टेक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर रुख कर रही हैं। यह कदम दर्शाता है कि भारतीय कंपनियां AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डेटा सेंटर की बढ़ती मांग को कितनी गंभीरता से ले रही हैं।

चुनौतियां और जोखिम

हालांकि, 120 MW के डेटा सेंटर का प्रबंधन करना काफी चुनौतीपूर्ण है। इसमें पावर मैनेजमेंट, थर्मल कूलिंग और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी जैसी तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत होती है। चूंकि SentraForge AI एक प्राइवेट एंटिटी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, इसलिए कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ और प्रॉफिट मार्जिन के बारे में जानकारी पब्लिक डोमेन में नहीं है। ऐसे में प्रोजेक्ट में होने वाली किसी भी देरी या बजट ओवररन की जानकारी निवेशकों के लिए सीधे तौर पर ट्रैक करना कठिन होगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह जॉइंट वेंचर तय समय सीमा में इस जटिल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा कर पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.