वेंचर फर्म Seligman Ventures ने **$1 बिलियन** की पूंजी जुटाकर एक बड़ा मील का पत्थर हासिल कर लिया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान AI सॉफ्टवेयर के बजाय AI इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे सेमीकंडक्टर और कूलिंग सिस्टम बनाने वाली स्टार्टअप्स पर लगा रही है।
सिलिकॉन वैली स्थित Seligman Ventures ने एक साल से भी कम समय में $1 बिलियन का निवेश फंड तैयार कर लिया है। कंपनी का मुख्य जोर अब उन फिजिकल कंपोनेंट्स पर है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रीढ़ हैं।\n\n### हार्डवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस\n\nAI की बढ़ती मांग के साथ ही चिप्स, पावर मैनेजमेंट और कूलिंग सिस्टम की भारी जरूरत है, जो इस वक्त बाजार में सबसे बड़ी बाधा (bottleneck) बने हुए हैं। मैनेजिंग पार्टनर उमेश पडवाल के नेतृत्व में, फर्म पहले ही $300 मिलियन की राशि 14 अलग-अलग निवेशों में लगा चुकी है।\n\n### 'बारबेल' रणनीति से कम होगा रिस्क\n\nफर्म ने अपने निवेश के लिए 'बारबेल' (barbell) अप्रोच अपनाई है। इसका मतलब है कि वे अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स के हाई-रिस्क निवेश और लेट-स्टेज या प्री-IPO कंपनियों की स्थिरता के बीच एक संतुलन बनाकर चल रहे हैं। यह तरीका उन्हें केवल स्पेक्युलेटिव सॉफ्टवेयर कंपनियों में निवेश करने के जोखिम से बचाता है।\n\n### पब्लिक और प्राइवेट मार्केट का कनेक्शन\n\nSeligman Ventures की एक बड़ी खूबी इसका $29 बिलियन के 'Columbia Seligman Technology and Information Fund' के साथ जुड़ाव है। पॉल विक द्वारा मैनेज किए जा रहे इस फंड के जरिए फर्म प्राइवेट स्टार्टअप्स के डेटा की तुलना पब्लिक मार्केट की दिग्गज कंपनियों से करती है, ताकि यह आंका जा सके कि कोई स्टार्टअप भविष्य में टिक पाएगा या नहीं।\n\nनिवेशकों को यह समझना होगा कि हार्डवेयर सेक्टर काफी कैपिटल-इंटेंसिव है, जहाँ प्रोजेक्ट देरी और तकनीक के पुराने होने का खतरा हमेशा बना रहता है। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी प्रोडक्शन क्षमता को कैसे स्केल करती है।
