बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI अब अपने प्लेटफॉर्म का विस्तार कर रही है, जहां अब भारतीय कंपनियां थर्ड-पार्टी और अमेरिकी AI मॉडल्स को होस्ट कर सकेंगी। **$234 मिलियन** की भारी फंडिंग और **$1.5 बिलियन** की वैल्यूएशन के बाद कंपनी अब प्राइवेट और हाइब्रिड AI सेगमेंट में अपना दबदबा बनाने की तैयारी में है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
Sarvam AI अब केवल अपने मॉडल्स तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कंपनी एक 'फुल-स्टैक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर' के रूप में खुद को बदल रही है। इसका सीधा फायदा उन भारतीय कंपनियों को होगा जो डेटा सुरक्षा के चलते अपना डेटा लोकल या प्राइवेट नेटवर्क पर रखना चाहती हैं। अब कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार बेस्ट AI मॉडल चुनकर उसे Sarvam के इंफ्रास्ट्रक्चर पर आसानी से चला सकेंगी।
सर्विस-लेड ग्रोथ मॉडल
कंपनी ने केवल प्लेटफॉर्म देने के बजाय एक नई रणनीति अपनाई है, जिसमें उसके इंजीनियर सीधे क्लाइंट की टीम के साथ मिलकर काम करेंगे। यह कदम कंपनियों को AI एजेंट्स को उनके मौजूदा सॉफ्टवेयर सिस्टम में इंटीग्रेट करने में मदद करेगा।
प्रमुख साझेदारियां और स्केल
अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कंपनी ने 'Centre for Development of Advanced Computing' के साथ मिलकर स्वदेशी AI स्टैक बनाने पर काम शुरू किया है। इसके अलावा, कंपनी ने IBM, HP, और IDFC FIRST Bank जैसे बड़े नामों के साथ हाथ मिलाया है।
वर्तमान में कंपनी का स्केल काफी बड़ा हो चुका है। डेटा के अनुसार, यह स्टार्टअप हर दिन 20 लाख वॉइस कन्वर्सेशन और 1 करोड़ API कॉल्स को प्रोसेस कर रहा है। हालांकि, ग्लोबल क्लाउड जायंट्स से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह तकनीकी जटिलताओं को कैसे मैनेज करती है और कितनी लागत प्रभावी (cost-effective) बनी रहती है।
