कैलिफोर्निया के San Jose में नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स का स्थानीय निवासियों द्वारा भारी विरोध किया जा रहा है। बिजली और पानी की भारी खपत के कारण पैदा हुआ यह विवाद अब सरकारी नियमों की जद में आ गया है, जिससे AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ पर असर पड़ने की आशंका है।
डेटा सेंटर और संसाधनों का संकट
San Jose खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर का हब बनाना चाहता है, लेकिन स्थानीय निवासी और पर्यावरण समूह अब इन डेटा सेंटर्स के खिलाफ खड़े हो गए हैं। मुख्य समस्या इन सेंटर्स द्वारा की जाने वाली बिजली और पानी की भारी खपत है, जिसे लेकर लोगों को डर है कि यह स्थानीय ग्रिड पर दबाव बढ़ाएगा और हवा की गुणवत्ता को खराब करेगा।
रेवेन्यू बनाम नागरिक हित
शहर के अधिकारी इन प्रोजेक्ट्स को आर्थिक रूप से फायदेमंद बता रहे हैं। उनका अनुमान है कि हर एक साइट से लाखों डॉलर का टैक्स रेवेन्यू प्राप्त होगा, जो सड़क मरम्मत और सुरक्षा सेवाओं में काम आएगा। हालांकि, 'I Love San Jose' जैसे स्थानीय गठबंधन का तर्क है कि यूटिलिटी ग्रिड पर बढ़ता बोझ और निवासियों के लिए बिजली के बढ़ते दाम इन मामूली आर्थिक लाभों से कहीं ज्यादा बड़े हैं।
सरकारी दखल और Tech दिग्गजों पर असर
यह मामला अब कैलिफोर्निया स्टेट लेवल तक पहुंच चुका है। गवर्नर Gavin Newsom उन नए कानूनों की समीक्षा कर रहे हैं, जो ऊर्जा की खपत करने वाले ऑपरेशंस पर कड़ी निगरानी रखेंगे। इसके अलावा, स्टेट सीनेटर Steve Padilla ऐसे बिल ला रहे हैं, जिससे कंपनियों को अपने 'एनवायरनमेंटल फुटप्रिंट' और ग्रिड लागत पर जवाबदेही तय करनी होगी। यह स्थिति Google, Meta Platforms, OpenAI, और Anthropic जैसी बड़ी कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इन्वेस्टर नजरिए से यह डेटा सेंटर इंडस्ट्री के लिए 'कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस' का जोखिम है। Data Center Coalition ने चेतावनी दी है कि यदि कैलिफोर्निया में नियम बहुत सख्त हुए, तो कंपनियां अपनी पूंजी को अधिक फ्रेंडली राज्यों की ओर मोड़ सकती हैं। निवेशकों को अब आने वाले विधायी निर्णयों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह भविष्य में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और लागत को तय करने का एक बड़ा संकेत होगा।
