US चुनाव के नतीजों के बाद South Korea की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनियां Samsung Electronics और SK Hynix के शेयरों में **4-5%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निवेशक इस बात से डरे हुए हैं कि नई अमेरिकी नीतियों के कारण AI डेटा सेंटर्स पर सख्त रेगुलेशन लागू हो सकते हैं, जिससे चिप्स की मांग में कमी आ सकती है।
बाजार में मची हलचल
4 नवंबर 2026 को साउथ कोरियन टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। KOSPI इंडेक्स में लगभग 3.6% की गिरावट आई, जिसके पीछे मुख्य कारण Samsung Electronics और SK Hynix जैसे दिग्गज शेयरों का गिरना रहा। इन सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में 4% से 5% तक की टूट देखी गई, क्योंकि बाजार का सेंटिमेंट ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सप्लाई चेन को लेकर सतर्क हो गया है।
विदेशी निवेशकों का रुख
सियोल के बाजार में विदेशी निवेशकों ने 3 नवंबर को 1.5 ट्रिलियन वॉन से अधिक की बिकवाली की। यह डेटा साफ दिखाता है कि एशियाई टेक स्टॉक्स अमेरिकी राजनीतिक फैसलों के प्रति कितने संवेदनशील हैं। पिछले कुछ वर्षों से चिप निर्माताओं की ग्रोथ का मुख्य आधार AI निवेश रहा है, जिसे लेकर अब निवेशक दोबारा विचार कर रहे हैं।
क्यों डरे हुए हैं निवेशक?
बाजार को डर है कि अमेरिका में AI इंडस्ट्री पर रेगुलेटरी शिकंजा कस सकता है। विशेष रूप से डेटा सेंटर विस्तार को लेकर सख्त पर्यावरण और पावर-यूज़ स्टैंडर्ड्स लागू होने की चर्चा है। अगर ऐसी पॉलिसी आती है, तो डेटा सेंटर्स के लिए काम करना महंगा हो जाएगा, जिसका सीधा असर हाई-एंड मेमोरी चिप्स की मांग पर पड़ेगा।
अन्य एशियाई बाजारों पर असर
इस गिरावट का असर केवल कोरिया तक सीमित नहीं रहा। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स भी 3.6% गिर गया, जबकि ताइवान के बाजार में 2.5% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट बताती है कि एशियाई हार्डवेयर सेक्टर अमेरिका के कैपिटल स्पेंडिंग साइकिल से कितना मजबूती से जुड़ा हुआ है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च जारी रखती हैं या रेगुलेटरी अनिश्चितताओं के कारण रुकती हैं।
