Samsung Electronics ने साल 2026 की तीसरी तिमाही में **107.4 ट्रिलियन वॉन** का रिकॉर्ड ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया है। इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे एआई-फोक्स्ड मेमोरी चिप्स (HBM और DRAM) की जबरदस्त मांग है, हालांकि कंपनी का फाउंड्री बिजनेस अभी भी घाटे से जूझ रहा है।
एआई (AI) मेमोरी का कमाल
सैमसंग के इस शानदार प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर मची होड़ है। कंपनी के सेमीकंडक्टर डिवीजन को HBM (हाई बैंडविड्थ मेमोरी) और DRAM के लिए भारी ऑर्डर्स मिले हैं। आज के डेटा सेंटर्स और जेनरेटिव एआई मॉडल्स के लिए ये चिप्स रीढ़ की हड्डी की तरह हैं, जिसने कंपनी की कमाई को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। कंपनी की रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 126% बढ़कर 195 ट्रिलियन वॉन रही है।
घाटे का सौदा बना फाउंड्री बिजनेस
एक तरफ जहां चिप्स का बिजनेस रॉकेट की तरह भाग रहा है, वहीं दूसरी ओर सैमसंग की मोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन मार्जिन के दबाव से जूझ रही है। चूंकि मेमोरी चिप्स की कीमतें बढ़ गई हैं, इसलिए गैजेट्स बनाने की लागत भी महंगी हो गई है। सबसे बड़ी चुनौती फाउंड्री बिजनेस (बाहरी क्लाइंट्स के लिए चिप्स बनाना) है, जो अभी भी नुकसान में चल रहा है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस डिवीजन को मुनाफे में आने के लिए कम से कम 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है।
आगे की राह और चुनौतियां
सैमसंग के सामने फिलहाल भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी एक्सपोर्ट कंट्रोल और चीनी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे कई बड़े जोखिम खड़े हैं। अब सबकी नजरें 29 अक्टूबर, 2026 को होने वाली अर्निंग्स कॉल पर हैं, जहां कंपनी अपनी फ्यूचर स्ट्रैटेजी और फाउंड्री लॉस को कम करने के उपायों पर सफाई दे सकती है।
