Samsung Chip Foundry: AI की बहार, Samsung ने बढ़ाईं कीमतें **15%** तक

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Samsung Chip Foundry: AI की बहार, Samsung ने बढ़ाईं कीमतें **15%** तक

Samsung Electronics ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स की बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए अपनी फाउंड्री सेवाओं की कीमतें **15%** तक बढ़ा दी हैं। कंपनी का लक्ष्य अपने कमजोर फाउंड्री डिविजन के मुनाफे को बेहतर बनाना है।

AI बूम का फायदा, Samsung की फाउंड्री हुई महंगी

Samsung Electronics ने अपनी कॉन्ट्रैक्ट चिपमेकिंग यानी फाउंड्री सेवाओं के दाम 15% तक बढ़ा दिए हैं। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से लागू हो गई है। कंपनी का यह कदम अपने फाउंड्री डिविजन के लिए उठाया गया है, जो 2022 से घाटे में चल रहा है।

किस प्रक्रिया के लिए कितनी बढ़ोतरी?

यह प्राइस हाइक खास तौर पर एडवांस्ड 4-नैनोमीटर (SF4) और 5-नैनोमीटर (SF5) मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के लिए है। कुछ 8-नैनोमीटर टेक्नोलॉजी में भी कीमतें बढ़ाई गई हैं। इस फैसले के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स की जबरदस्त मांग है, जिसकी वजह से एडवांस्ड चिप बनाने की क्षमता से ज्यादा डिमांड हो गई है।

शेयर में आई गिरावट, वजह?

भले ही फाउंड्री डिविजन के लिए यह एक अच्छी खबर है, लेकिन 19 अगस्त, 2026 को Samsung का शेयर कोरिया एक्सचेंज (KRX) पर गिरा। यह गिरावट सीधे तौर पर प्राइस हाइक की वजह से नहीं थी, बल्कि दक्षिण कोरियाई सेमीकंडक्टर शेयरों में आई व्यापक बिकवाली का असर था। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में उतार-चढ़ाव और बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण निवेशकों ने टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों को बेचा है।

फाउंड्री बिजनेस और कॉम्पिटिशन

Samsung का फाउंड्री बिजनेस दूसरी कंपनियों, जैसे Qualcomm, द्वारा डिजाइन किए गए चिप्स को बनाता है। यह सीधे तौर पर TSMC जैसी कंपनियों से मुकाबला करता है, जो एडवांस्ड चिप मार्केट पर हावी हैं। Samsung के लिए दाम बढ़ाना तभी सफल होगा जब वे प्रोडक्शन प्लान को बिना किसी देरी के पूरा कर पाएंगे। कंपनी अपनी फैक्ट्री आउटपुट और यील्ड रेट (एक वेफर से बनने वाले ठीक चिप्स की संख्या) को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।

आगे क्या चुनौतियां?

फाउंड्री बिजनेस में भारी निवेश की जरूरत होती है। निवेशकों और कंपनी के लिए एक बड़ा जोखिम यह है कि कहीं लागत अनुमान से ज्यादा न बढ़ जाए या फैक्ट्री की एफिशिएंसी उम्मीद के मुताबिक न सुधरे। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को ग्लोबल एक्सपोर्ट रिस्ट्रिक्शन, खासकर चीन के साथ टेक्नोलॉजी ट्रेड पर, का खतरा भी बना हुआ है। ये प्रतिबंध Samsung की एडवांस्ड चिप्स की बिक्री को सीमित कर सकते हैं।

निवेशकों की नजर

आगे चलकर निवेशक इस बात पर करीब से नजर रखेंगे कि क्या यह प्राइस हाइक आने वाले नतीजों में बेहतर प्रॉफिट मार्जिन में बदलता है। इस टर्नअराउंड की सफलता AI चिप्स की लगातार मांग और बढ़ती ग्लोबल प्रतिस्पर्धा के बीच Samsung की फैक्ट्री यूटिलाइजेशन रेट को बनाए रखने पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.