Samsung के लिए भारतीय बाजार में एक बड़ा बदलाव आया है। कंपनी की फ्लैगशिप डिवाइस बिक्री में फोल्डेबल स्मार्टफोन की हिस्सेदारी अब **20%** को पार कर गई है। कंपनी छोटे शहरों को टारगेट कर रही है, जहां से **65%** बिक्री आती है। हालांकि, चिप की बढ़ती कीमतों के कारण Samsung ने कीमतों में बढ़ोतरी की चेतावनी दी है।
Detailed Coverage
Samsung भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में एक बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है। कंपनी की फ्लैगशिप डिवाइस की कुल बिक्री में अब फोल्डेबल स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 20% से ज़्यादा हो गई है। यह एक बड़ा उछाल है, खासकर तब से जब कंपनी ने 2019 में पहली बार फोल्डेबल टेक्नोलॉजी पेश की थी। Samsung Southwest Asia के प्रेसिडेंट और CEO, J B Park के अनुसार, यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है क्योंकि ज़्यादा ग्राहक अनोखे मोबाइल डिजाइन चाहते हैं।
छोटे शहरों में बढ़ता दबदबा
इस ग्रोथ का एक अहम कारण टियर 2 और टियर 3 शहरों में प्रीमियम डिवाइसेस की तेजी से बढ़ती मांग है। ये क्षेत्र अब कंपनी की फ्लैगशिप डिवाइस बिक्री का लगभग 65% हिस्सा कवर करते हैं, जो बड़े शहरों की ग्रोथ को पीछे छोड़ रहा है। Samsung इन इलाकों में अपने प्रीमियम प्रोडक्ट्स के फीचर्स के बारे में ग्राहकों को शिक्षित करने के लिए काफी निवेश कर रहा है। पहले जहां इन मार्केटों में बेसिक फीचर फोन चलते थे, वहीं अब एडवांस टेक्नोलॉजी की ओर ग्राहकों का झुकाव उम्मीद से कहीं ज़्यादा तेज़ है, खासकर जब उन्हें प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करने का मौका मिल रहा है।
बढ़ती लागत और इंडस्ट्री कॉम्पिटिशन का असर
वॉल्यूम में ग्रोथ के बावजूद, Samsung को कंपोनेंट्स, खासकर मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने संकेत दिया है कि इंडस्ट्री में स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी अब टाली नहीं जा सकती। इस माहौल में डिमांड बनाए रखने के लिए, Samsung 24 से 30 महीने की लंबी EMI प्लान चुनने वाले ग्राहकों के लिए ब्याज लागत को खुद वहन कर रहा है। इस रणनीति का मकसद ग्राहकों पर तत्काल वित्तीय बोझ कम करना है, हालांकि इंडस्ट्री-वाइड ट्रेंड्स के अनुसार डिवाइसेस की बेस कॉस्ट बढ़ने की उम्मीद है।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में, जैसे कि एयर कंडीशनर, Samsung चीनी ब्रांड्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है। मैनेजमेंट ने मार्जिन की स्थिरता पर चिंता जताई है, जहां दर्जनों कंपनियाँ एक ही कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। Samsung का मानना है कि इन सेक्टर्स में प्रॉफिटेबिलिटी तभी स्थिर हो सकती है जब मार्केट आखिरकार कुछ चुनिंदा, मजबूत निर्माताओं के इर्द-गिर्द समेकित हो। फिलहाल, कंपनी डिस्प्ले और होम अप्लायंसेज में अपनी मार्केट शेयर की रक्षा करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, साथ ही इंडस्ट्री-वाइड लागत वृद्धि को वहन करने के वित्तीय दबाव को मैनेज कर रही है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या ये मार्जिन-सुरक्षा रणनीतियाँ, विशेष रूप से कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन में, आने वाली तिमाहियों में प्रतिस्पर्धियों के लगातार दबाव और इनपुट लागतों में वृद्धि का सामना कर पाएंगी।
