Samsung Electronics ने तीसरी तिमाही में करीब **$80 बिलियन** के रिकॉर्ड ऑपरेटिंग प्रॉफिट का अनुमान जताया है। हालांकि, कंपनी के मोबाइल और चिप मैन्युफैक्चरिंग डिवीजनों में बढ़ते घाटे और लागत ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
टेक दिग्गज Samsung Electronics ने साल 2026 की तीसरी तिमाही के लिए ऐतिहासिक प्रदर्शन की तैयारी कर ली है। कंपनी का अनुमान है कि उनका ऑपरेटिंग प्रॉफिट करीब 108.1 ट्रिलियन वॉन यानी $80.2 बिलियन के आसपास रहेगा। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 9 गुना ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू में भी 134.4% की जबरदस्त सालाना बढ़त के साथ 201.7 ट्रिलियन वॉन ($148 बिलियन) तक पहुंचने की उम्मीद है। प्रीलिमिनरी अर्निंग गाइडेंस 8 अक्टूबर, 2026 को जारी की जाएगी।
AI डिमांड से मेमोरी चिप्स की चांदी
इस शानदार ग्रोथ के पीछे आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी मेमोरी सेमीकंडक्टर्स की बढ़ती मांग है। कंपनी ने हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और एंटरप्राइज सॉलिड-स्टेट ड्राइव्स की सेल में बड़ी उछाल दर्ज की है। मार्केट शेयर के मामले में भी कंपनी ने दूसरी तिमाही में 33% की हिस्सेदारी हासिल कर ली है, जो साल की शुरुआत में सिर्फ 21% थी। अब कंपनी अपनी अगली पीढ़ी के HBM4 चिप्स के साथ अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
फाउंड्री और मोबाइल डिवीजन में चुनौतियां
मेमोरी सेगमेंट के उलट, कंपनी के बाकी बिजनेस 'हेडविंड्स' का सामना कर रहे हैं। फाउंड्री और सिस्टम LSI डिवीजन फिलहाल नुकसान में चल रहे हैं। नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की कोशिशों के बावजूद, इस यूनिट के 2028 से पहले प्रॉफिटेबल होने की उम्मीद नहीं है।
वहीं, मोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन भी दबाव में है। डिवाइस की मांग में ठहराव और कच्चा माल महंगा होने से मार्जिन पर असर पड़ा है। निवेशकों के लिए असली चुनौती यह देखना होगी कि क्या कंपनी अपने सेमीकंडक्टर मुनाफे से इन घाटे वाले सेगमेंट्स को संतुलित रख पाती है या नहीं। इसके अलावा, कोरियाई वॉन में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल मेमोरी मार्केट में प्राइस वॉर भी मुनाफे के आंकड़ों पर असर डाल सकते हैं।
