Sam Altman का बड़ा बयान: AI से नौकरियों के जाने का डर बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया, IPO की तैयारी में OpenAI

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sam Altman का बड़ा बयान: AI से नौकरियों के जाने का डर बढ़ा-चढ़ा कर बताया गया, IPO की तैयारी में OpenAI
Overview

OpenAI के CEO Sam Altman ने माना है कि AI के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने की उनकी शुरुआती भविष्यवाणियां गलत थीं। उन्होंने कहा कि लेबर मार्केट (Labor Market) उम्मीद से कहीं ज़्यादा मज़बूत साबित हुआ है। हालांकि, AI फाइनेंस और टेक जैसे क्षेत्रों में बदलाव ला रहा है, लेकिन अभी तक व्हाइट-कॉलर (White-collar) नौकरियों का बड़े पैमाने पर खात्मा नहीं हुआ है। यह तब हो रहा है जब OpenAI संभावित $1 ट्रिलियन के IPO के लिए तैयारी कर रहा है, और कंपनी पर अपने भारी खर्चों और भविष्य में मुनाफ़ा कमाने के रास्ते को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

AI का असर सोचा था, उससे कम?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अब चर्चा नौकरियों के खात्मे से हटकर इस बात पर आ गई है कि AI काम को कैसे बेहतर बना सकता है। OpenAI के CEO Sam Altman ने हाल ही में माना है कि "एम्प्लॉयमेंट एपोकैलिप्स" (Employment Apocalypse) यानी नौकरियों का विनाश होने की उनकी पहले की चेतावनियों में संस्थाओं के काम करने के तरीके और इंसानी कामों की अहमियत को ध्यान में नहीं रखा गया था। एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर (White-collar) नौकरियों के गायब होने के बजाय, मौजूदा ट्रेंड्स बताते हैं कि AI अक्सर सीधे तौर पर लोगों को बदलने के बजाय उनकी प्रोडक्टिविटी (Productivity) बढ़ा रहा है। जहां फाइनेंस जैसे सेक्टर, जिनमें Commonwealth Bank of Australia, HSBC, और Standard Chartered जैसे बड़े बैंक शामिल हैं, AI का इस्तेमाल एफिशिएंसी (Efficiency) बढ़ाने के लिए कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों को नौकरियों के बाज़ार में जिस बड़े पैमाने पर गिरावट का डर था, वो अभी तक नहीं हुआ है।

हायरिंग में हल्की नरमी

Altman के बयान पब्लिक रिफ्लेक्शन (Public Reflection) का एक मौका देते हैं। हालांकि, मार्केट डेटा से पता चलता है कि AI का असर उम्मीद से अलग तरह से सामने आ रहा है। बड़े पैमाने पर छंटनी (Layoffs) के बजाय, प्रभावित होने वाली जॉब रोल्स (Job Roles) में एक हल्की नरमी देखी जा रही है: हायरिंग में मंदी। कंपनियां ज़्यादा सतर्क लग रही हैं, लोगों को निकालने के बजाय वे हायरिंग टाल रही हैं और मौजूदा रोल्स को कंबाइन (Combine) कर रही हैं। ऐसे में नई नौकरियों में प्रवेश करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि कंपनियां AI टेक्नोलॉजी में भारी निवेश कर रही हैं। AI का इस्तेमाल करने वाली नौकरियों और ऑटोमेशन (Automation) के खतरे में आने वाली नौकरियों के बीच एक बड़ा गैप (Gap) बनता जा रहा है, जहाँ पहली में एफिशिएंसी (Efficiency) और सैलरी (Salary) ज़्यादा है, वहीं दूसरी में सैलरी स्थिर है।

OpenAI के लिए फाइनेंशियल रिस्क (Financial Risks)

नौकरियों के मामले में तस्वीर भले ही कम चिंताजनक हो, लेकिन OpenAI के पब्लिक होने की योजना के बावजूद बड़े रिस्क (Risks) बने हुए हैं। $1 ट्रिलियन की वैल्यूएशन (Valuation) का पीछा करने के लिए आक्रामक ग्रोथ (Aggressive Growth) की ज़रूरत है, लेकिन कंपनी को भारी ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Costs) का सामना करना पड़ रहा है। OpenAI इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) में भारी निवेश कर रहा है, जिसमें करोड़ों की लागत आ सकती है। एनालिस्ट्स (Analysts) सवाल उठा रहे हैं कि कंपनी मुनाफे में कब आएगी, कुछ अनुमानों के मुताबिक यह 2030 तक हो सकता है। OpenAI को Anthropic जैसी कंपनियों से भी कड़ी टक्कर मिल रही है, जिन्होंने बड़ा प्राइवेट फंड (Private Fund) जुटाया है। निवेशक OpenAI के स्ट्रेटेजिक शिफ्ट्स (Strategic Shifts) पर भी नज़र रख रहे हैं, जैसे कि एंटरप्राइज क्लाइंट्स (Enterprise Clients) पर नया फोकस, साथ ही मैनेजमेंट (Management) में पिछले बदलाव और चल रही कानूनी समीक्षाएं।

आगे क्या?

संभावित IPO, जो शायद सितंबर 2026 में हो सकता है, को ध्यान में रखते हुए, अब ध्यान OpenAI के फाइनेंशियल परफॉरमेंस (Financial Performance) पर जा रहा है। कंपनी कथित तौर पर अपनी पब्लिक ऑफरिंग (Public Offering) के दस्तावेज़ तैयार करने के लिए Goldman Sachs और Morgan Stanley जैसे इन्वेस्टमेंट बैंक्स (Investment Banks) के साथ काम कर रही है। इस प्रक्रिया में उसकी ऊंची वैल्यूएशन (Valuation) के लक्ष्यों की तुलना उसके वास्तविक फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Financial Results) से करनी होगी। व्यापक बाज़ार के लिए, मुख्य सवाल यह है कि क्या AI टेक्नोलॉजी पर मौजूदा खर्च स्थायी रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) की ओर ले जाएगा, या "AI-फर्स्ट" बिज़नेस मॉडल (Business Model) को पूरी तरह स्थापित होने से पहले इंसानी संसाधनों (Human Resources) में और ज़्यादा, शायद ज़्यादा मुश्किल, एडजस्टमेंट्स (Adjustments) की ज़रूरत होगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.