भारत में AI का दौर अब टेस्टिंग से आगे बढ़कर असल बिजनेस ऑपरेशंस तक पहुँच गया है। Salesforce ने खुलासा किया है कि खासकर फाइनेंस सेक्टर में ऑटोनॉमस AI एजेंट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, जिससे काम की गति कई दिनों से घटकर मिनटों में आ गई है।
फाइनेंशियल सेक्टर में AI की धूम
भारतीय कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को केवल प्रयोगों तक सीमित नहीं रख रही हैं, बल्कि इसे बड़े पैमाने पर लागू कर रही हैं। Salesforce के अधिकारियों के मुताबिक, खास तौर पर फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां इसका तेजी से फायदा उठा रही हैं। क्रेडिट अंडरराइटिंग और व्हीकल-लोन प्रोसेसिंग जैसे कामों में ऑटोनॉमस एजेंट्स के इस्तेमाल से कंपनियों ने घंटों और दिनों का काम अब महज मिनटों में पूरा करना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे इन सिस्टम्स की सटीकता और सुरक्षा पर भरोसा बढ़ेगा, कंपनियां और भी जटिल फैसले AI पर छोड़ने की तैयारी कर रही हैं।
बेंगलुरु में विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर
अपने विस्तार की योजना को मजबूती देने के लिए, Salesforce बेंगलुरु में अपना नया 'Salesforce Tower' बना रही है, जिसके अगले फाइनेंशियल ईयर तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी स्थानीय स्तर पर टैलेंट हायरिंग और वर्कफोर्स को अपस्किल करने पर बड़ा दांव लगा रही है।
बढ़ती चुनौतियां और जॉब मार्केट में बदलाव
ऑटोनॉमस या 'एजेंटिक AI' का बढ़ता इस्तेमाल अपने साथ नई चुनौतियां भी लाया है। कंपनियों को अब इन एजेंट्स की गतिविधियों की निगरानी, परमिशन कंट्रोल और कॉस्ट मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान देना होगा। साथ ही, डेटा सुरक्षा और गवर्नेस एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
जॉब मार्केट की तस्वीर भी तेजी से बदल रही है। रिपिटिटिव टास्क की डिमांड कम हो रही है, जबकि 'AI एथिसिस्ट', 'प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स' और 'डिप्लॉयमेंट स्पेशलिस्ट्स' की मांग बढ़ गई है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में AI प्रोडक्टिविटी टूल्स आने से अब कम डेवलपर्स बड़े प्रोजेक्ट्स संभाल पा रहे हैं।
भारतीय IT सेक्टर के लिए संकेत
यह ट्रेंड भारतीय IT सर्विसेज कंपनियों के लिए अवसर और दबाव दोनों लेकर आया है। जहां AI के कारण नए प्रोजेक्ट्स मिलने की संभावनाएं बढ़ी हैं, वहीं कंपनियों को अपने पुराने, मेहनत-आधारित डिलीवरी मॉडल्स से हटकर AI-ड्रिवेन स्पेशलाइज्ड सॉल्यूशंस की तरफ तेजी से शिफ्ट होना होगा। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे IT दिग्गज खुद को इस बदलते दौर में ढालते हैं और सुरक्षा फ्रेमवर्क्स को कितनी मजबूती से लागू करते हैं।
