Salesforce ने अपनी डिफेंस-केंद्रित 'Missionforce' यूनिट को और मजबूत करने के लिए Rune Technologies का अधिग्रहण कर लिया है। इस कदम से कंपनी मिलिट्री लॉजिस्टिक्स के लिए खास AI टूल्स पर पकड़ बनाएगी, जो बिना इंटरनेट के भी काम कर सकते हैं।
डिफेंस सेक्टर में Salesforce की नई रणनीति
Salesforce ने डिफेंस और सरकारी लॉजिस्टिक्स के लिए AI तकनीक बनाने वाले स्टार्टअप Rune Technologies को खरीद लिया है। कंपनी का मकसद अपनी 'Missionforce' डिवीजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, जो पहले से ही अमेरिकी सेना की विभिन्न शाखाओं को डिजिटल टूल मुहैया कराती है।
क्यों खास है यह डील?
Rune Technologies का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उनकी ऐसी AI तकनीक है, जो बिना स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन के भी काम कर सकती है। यह युद्ध या दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां सप्लाई चेन को मैनेज करना बेहद कठिन होता है। वर्तमान में अमेरिकी सेना और मरीन कॉर्प्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। Salesforce अब अपनी विशाल पहुंच का इस्तेमाल करके इसे अमेरिकी सशस्त्र बलों के सभी हिस्सों तक पहुंचाना चाहती है।
क्या है बिजनेस का बड़ा लक्ष्य?
पारंपरिक तौर पर Salesforce को CRM सॉफ्टवेयर के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यह डिफेंस और इंटेलिजेंस की ओर रुख कर रही है। कंपनी के डिफेंस डिवीजन की ग्रोथ रेट 80% (Year-over-Year) रही है, जो सरकारी बजट में बड़ी हिस्सेदारी पाने की उनकी स्पष्ट महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
हालांकि यह डील बड़ी लग रही है, लेकिन चुनौती आसान नहीं है। एक क्लाउड-आधारित कंपनी के लिए मिलिट्री-ग्रेड टेक्नोलॉजी को अपने सिस्टम में ढालना (Integration) एक बड़ी एग्जीक्यूशन रिस्क है। साथ ही, डिफेंस सेक्टर में सख्त सरकारी नियम और कड़ी प्रतिस्पर्धा भी है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह नया दांव कंपनी के मार्जिन को प्रभावित करेगा या कोर बिजनेस से ध्यान भटकाएगा।
यह अधिग्रहण फाइनेंशियल ईयर 2027 की चौथी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है।
