टेक्नोलॉजी फर्म Saints & Masters ने भारत में अपना ONAM Cloud प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। Equinix के साथ साझेदारी में, यह प्लेटफॉर्म भारतीय स्टार्टअप्स और छोटे-मध्यम व्यवसायों (SMEs) को इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराएगा। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में 10,000 SMEs को सपोर्ट करना और कोच्चि में नया सेंटर खोलकर अपने ऑपरेशंस का विस्तार करना है।
Saints & Masters, जो एक टेक्नोलॉजी एडवाइजरी और एग्जीक्यूशन फर्म है, ने भारत में अपने ONAM Cloud प्लेटफॉर्म को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह नई सर्विस खास तौर पर स्टार्टअप्स और कंपनियों को एंटरप्राइज-ग्रेड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर (cloud infrastructure) देने के लिए बनाई गई है। इस लॉन्च के साथ, कंपनी भारतीय टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, जिसका सबूत कोच्चि के इंफोपार्क में खुला नया डेवलपमेंट सेंटर भी है।
Equinix के साथ खास साझेदारी
ONAM Cloud प्लेटफॉर्म को ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Equinix के साथ एक मजबूत साझेदारी के तहत बनाया गया है। Equinix के डेटा सेंटर्स का इस्तेमाल करके, यह प्लेटफॉर्म ग्राहकों को Amazon Web Services, Google Cloud और Microsoft Azure जैसे बड़े पब्लिक क्लाउड प्रोवाइडर्स से सुरक्षित, डायरेक्ट और प्राइवेट कनेक्शन मुहैया कराएगा। इसका मकसद व्यवसायों को पब्लिक इंटरनेट पर संवेदनशील डेटा रूट किए बिना मल्टी-क्लाउड माहौल (multi-cloud environments) बनाने में मदद करना है।
10,000 SMEs को सपोर्ट का लक्ष्य
Saints & Masters ने अगले तीन सालों में भारत में 10,000 छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को सपोर्ट करने का टारगेट रखा है। उनकी रणनीति ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजीज (open-source technologies) पर आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने पर केंद्रित है, न कि प्रोप्राइटरी लाइसेंसिंग पर। इस डिजाइन से विभिन्न वर्कलोड्स के लिए ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, चाहे वो बेसिक बिजनेस एप्लीकेशन्स हों या कॉम्प्लेक्स क्लाउड-नेटिव सिस्टम्स।
भारतीय क्लाउड मार्केट में बढ़त
यह लॉन्च भारतीय क्लाउड मार्केट के मजबूत ग्रोथ ट्रेंड्स के बीच हुआ है। अनुमान है कि भारत में पब्लिक क्लाउड खर्च 2026 तक $17.5 बिलियन तक पहुंच सकता है। यह बढ़ोतरी कंपनियों द्वारा मॉडर्न एप्लीकेशन्स चलाने और बड़े डेटा वर्कलोड्स को मैनेज करने के लिए हाई कंप्यूटिंग पावर की बढ़ती मांग के कारण हो रही है।
Saints & Masters एक प्राइवेट कंपनी है और NSE या BSE जैसे पब्लिक स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड नहीं है। टेक्नोलॉजी सेक्टर के जानकारों के लिए, इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को कितनी अच्छी तरह से लागू करती है और इस कॉम्पिटिटिव मार्केट में कैसे टिक पाती है। भारतीय क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में पहले से ही बड़े ग्लोबल प्लेयर्स और स्थापित डोमेस्टिक प्रोवाइडर्स मौजूद हैं, जो नए खिलाड़ियों के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल बना सकते हैं।
आने वाले महीनों में, कंपनी के लिए SME क्लाइंट्स को ऑनबोर्ड करने की रफ्तार और Equinix के साथ साझेदारी का परफॉर्मेंस अहम रहेगा। हजारों नए ग्राहकों तक पहुंचने के साथ-साथ सर्विस क्वालिटी और प्लेटफॉर्म स्टेबिलिटी बनाए रखना मैनेजमेंट टीम के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।
