SafePal डेटा लीक: 40,000 से ज़्यादा यूज़र्स की निजी जानकारी हुई उजागर!

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AuthorMehul Desai|Published at:
SafePal डेटा लीक: 40,000 से ज़्यादा यूज़र्स की निजी जानकारी हुई उजागर!

क्रिप्टो वॉलेट प्रोवाइडर SafePal ने पुष्टि की है कि एक ऑथोराइजेशन की खामी के चलते करीब 40,000 ग्राहकों का संपर्क और ऑर्डर डेटा लीक हो गया है। हालांकि, यूज़र्स के फंड और संवेदनशील सिक्योरिटी क्रेडेंशियल्स सुरक्षित हैं, कंपनी ने फ़िशिंग हमलों से सावधान रहने की सलाह दी है।

SafePal में सेंध, 40,000 से ज़्यादा यूज़र्स का डेटा लीक

क्रिप्टोकरेंसी हार्डवेयर वॉलेट प्रोवाइडर SafePal ने एक बड़े सुरक्षा उल्लंघन का खुलासा किया है, जिसमें उसके ग्राहकों का व्यक्तिगत डेटा सामने आ गया है। यह सेंध कंपनी के ऑर्डर-ट्रैकिंग सिस्टम में एक ऑथोराइजेशन की खामी के कारण हुई, जिससे लगभग 39,798 ग्राहकों की निजी ऑर्डर जानकारी प्रभावित हुई। यह घटना 2 मार्च, 2025 से 11 अप्रैल, 2026 के बीच हुई।

क्या आपके फंड सुरक्षित हैं?

SafePal ने स्पष्ट किया है कि इस सुरक्षा चूक से किसी भी यूज़र के फंड या महत्वपूर्ण सिक्योरिटी क्रेडेंशियल्स जैसे प्राइवेट कीज़, सीड फ्रेज़, वॉलेट पासवर्ड या पेमेंट की जानकारी पर कोई असर नहीं पड़ा है। यह डेटा एन्क्रिप्टेड था और हैकर्स की पहुँच से बाहर रहा। यानी, यूज़र्स के पैसे और पहचान से जुड़ी कोई भी जानकारी कॉम्प्रोमाइज नहीं हुई है। लीक हुआ डेटा सिर्फ़ संपर्क और ऑर्डर से जुड़ी जानकारी तक सीमित था, जैसे ग्राहकों के नाम, ईमेल एड्रेस, शिपिंग एड्रेस, फ़ोन नंबर और ख़रीद का इतिहास।

क्या कदम उठाए गए?

कंपनी ने उस ऑथोराइजेशन की खामी को ठीक कर दिया है जिसने अनधिकृत पहुँच को संभव बनाया था। इसके अलावा, SafePal ने आंतरिक नियंत्रणों को कड़ा किया है और अपनी डेटा रिटेंशन पॉलिसी को अपडेट किया है। अब कंपनी अपने ऑर्डर-प्रोसेसिंग सिस्टम में ग्राहक की व्यक्तिगत जानकारी को अधिकतम 90 दिनों तक ही रखेगी, ताकि भविष्य में डेटा लीक के जोखिम को कम किया जा सके।

फ़िशिंग हमलों का ख़तरा

आगे के हमलों से बचाव के लिए, SafePal ने 30 से ज़्यादा ऐसे फर्जी वेबसाइटों और फ़िशिंग लिंक्स को हटा दिया है जो कंपनी का रूप धारण कर रहे थे। प्रभावित यूज़र्स के लिए सबसे बड़ा ख़तरा सोशल इंजीनियरिंग का है। जिन लोगों का संपर्क डेटा लीक हुआ है, उन पर हमलावर धोखाधड़ी वाले ईमेल या संदेशों के ज़रिए जानकारी निकालने की कोशिश कर सकते हैं।

बाज़ार पर क्या असर?

SafePal एक प्राइवेट कंपनी है और किसी पब्लिक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए इस घटना का सीधे तौर पर शेयर बाज़ार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, कंपनी SFP यूटिलिटी टोकन जारी करती है, जो विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों पर उपलब्ध है। वॉलेट प्रोवाइडर्स के साथ होने वाली ऐसी सुरक्षा घटनाएं अक्सर उनके जुड़े हुए टोकन की कीमतों में अल्पकालिक अस्थिरता का कारण बन सकती हैं, क्योंकि इससे कंपनी की प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है। SFP टोकन के धारकों को कंपनी के आधिकारिक संचार पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, किसी भी अप्रत्याशित संचार से सावधान रहना चाहिए जो व्यक्तिगत या सुरक्षा जानकारी मांगता हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.