Apple के पूर्व रिटेल चीफ Ron Johnson ने 'एजेंटिक कॉमर्स' (AI-driven commerce) पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि महंगी खरीदारी के लिए फिजिकल स्टोर और इंसानी अनुभव का कोई विकल्प नहीं है, जो ऑटोमेटेड रिटेल पर दांव लगाने वाले निवेशकों के लिए एक चेतावनी है।
क्या AI बनेगा शॉपिंग का भविष्य?
आजकल Google और OpenAI जैसी दिग्गज कंपनियां 'एजेंटिक कॉमर्स' की दौड़ में शामिल हैं। इनका मुख्य मकसद है शॉपिंग के पूरे प्रोसेस को ऑटोमेट करना—सर्च से लेकर पेमेंट तक। लेकिन, Apple की रिटेल रणनीति के दिग्गज रहे Ron Johnson का मानना है कि लग्जरी या हाई-वैल्यू सामान खरीदते समय यह तकनीक पूरी तरह फेल हो सकती है।
क्यों जरूरी है फिजिकल अनुभव?
Johnson का तर्क है कि जब आप कोई महंगा लैपटॉप या गैजेट खरीदते हैं, तो आप उसे छूकर देखना चाहते हैं। AI आपको डेटा दे सकता है, लेकिन वह उस भरोसे और मानवीय सलाह की जगह नहीं ले सकता जो एक स्टोर एक्सपर्ट देता है। निवेशकों को यह समझना होगा कि हर रिटेल सेक्टर में ऑटोमेशन का जादू नहीं चलेगा, खासकर वहां जहां ग्राहक ब्रांड के साथ जुड़ाव महसूस करना चाहते हैं।
Apple का मॉडल और सबक
Johnson ने अपने करियर में Apple के रिटेल मॉडल को सफलता की ऊंचाइयों पर पहुँचाया था। उन्होंने बताया कि Apple की सफलता केवल डिजाइन नहीं, बल्कि स्टाफ की ट्रेनिंग थी, जो कमीशन के बजाय ग्राहकों की समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान देते थे। उनके अनुसार, बाकी कंपनियां सिर्फ Apple के स्टोर का 'लुक' कॉपी कर पाईं, लेकिन उसके पीछे की 'इंसानी वैल्यू' को नहीं समझ सकीं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
Johnson का नजरिया इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि उनका अपना ट्रैक रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है। J.C. Penney में उनका प्रयोग फेल हुआ था और 2022 में उनकी कंपनी 'Enjoy Technology' को बैंकरप्सी (Bankruptcy) झेलनी पड़ी थी। ये अनुभव बताते हैं कि रिटेल में तकनीक को अपनाना जरूरी है, लेकिन उसे पूरी तरह से पारंपरिक मॉडल का विकल्प नहीं माना जा सकता।
आगे की राह: हाइब्रिड मॉडल की उम्मीद
आने वाले समय में रिटेल कंपनियां पूरी तरह ऑटोमेशन के बजाय हाइब्रिड मॉडल अपना सकती हैं। यानी, AI का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी जुटाने और तुलना करने के लिए किया जाएगा, जबकि फाइनल खरीदारी के लिए ग्राहक स्टोर पर ही जाना पसंद करेंगे। निवेशकों को अब उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो डिजिटल एफिशिएंसी और फिजिकल स्टोर के अनुभव का सही तालमेल बिठा सकें।
