Roku ने 'Roku Labs' नाम का एक नया टेस्टिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसके जरिए कंपनी TV पर गेमिंग और स्टॉक ट्रैकिंग जैसे फीचर्स लाकर अपने यूजर बेस को और मजबूत बनाना चाहती है, ताकि Amazon और Google जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर दी जा सके।
TV को बनाया जा रहा है स्मार्ट हब
Roku अपनी स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव कर रहा है। 'Roku Labs' के जरिए कंपनी अब टीवी को सिर्फ स्ट्रीमिंग के लिए नहीं, बल्कि एक मल्टी-पर्पज हब की तरह पेश कर रही है। इसमें स्टॉक मार्केट ट्रैकर, वेदर अपडेट और कैजुअल गेम्स जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसका सीधा मकसद है- 'प्लेटफॉर्म स्टिकिनेस'। कंपनी चाहती है कि यूजर उनके इकोसिस्टम में ज्यादा समय बिताएं, जिससे एड रेवेन्यू और सब्सक्रिप्शन में बढ़ोतरी हो सके।
ग्लोबल विस्तार और सब्सक्रिप्शन का जाल
कंपनी ने अब Brazil और Mexico जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। Roku ने इन देशों में पर्सनलाइज्ड होम स्क्रीन तकनीक पेश की है। साथ ही, अमेरिका और मेक्सिको में कंपनी AMC+, Starz और Hallmark+ जैसी सर्विसेज को एक साथ बंडल करके सिंगल बिलिंग प्लान दे रही है, जिससे सब्सक्राइबर्स के छोड़ने (Churn Rate) का जोखिम कम होगा।
ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर का दांव
Roku ने अपने 'Roku LT' रिमोट प्लेटफॉर्म के सॉफ्टवेयर को ओपन-सोर्स करने का फैसला लिया है। इससे थर्ड-पार्टी डेवलपर्स को अपने ऐप्स और हार्डवेयर एक्सेसरीज बनाने की आजादी मिलेगी। इससे बिना ज्यादा लागत के कंपनी अपने हार्डवेयर का दायरा बढ़ा सकेगी। हालांकि, निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या ये नई तकनीक कंपनी के ARPU (Average Revenue Per User) को ऊपर ले जाने में सफल होगी या नहीं, क्योंकि मार्केट में Google और Amazon से कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
