एक्सपर्ट्स की मानें तो रोबोटिक्स सेक्टर अभी किसी बड़े ब्रेकथ्रू (Breakthrough) के बजाय एक शुरुआती 'लेगो एरा' (Lego era) में है। सॉफ्टवेयर-बेस्ड AI की तेजी से तुलना करें, तो फिजिकल रोबोटिक्स को हार्डवेयर और सेफ्टी प्रोटोकॉल के मोर्चे पर अभी लंबी दूरी तय करनी है।
रोबोटिक्स इंडस्ट्री फिलहाल उस दौर से गुजर रही है जिसे एक्सपर्ट्स 'लेगो एरा' कह रहे हैं। यह एक ऐसा फेज है जहां अभी बुनियादी पुर्जों और कंपोनेंट्स को जोड़ने पर काम हो रहा है, न कि व्यापक ऑटोमेशन की क्रांति पर। कई बाजार विश्लेषक रोबोटिक्स की तुलना ChatGPT जैसे जेनरेटिव AI की रफ्तार से कर रहे हैं, लेकिन सेक्टर के दिग्गजों का मानना है कि फिजिकल मशीनें उन बाधाओं का सामना करती हैं जो सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स में नहीं होतीं।
डिजिटल इंटेलिजेंस बनाम फिजिकल एग्जीक्यूशन
जेनरेटिव AI डेटा की विशाल मात्रा को प्रोसेस करके टेक्स्ट या इमेज बना सकता है, लेकिन रोबोटिक्स की दुनिया फिजिकल है। यहां काम करने के लिए एडवांस एक्ट्यूएटर्स (Actuators), भरोसेमंद सेंसर और सख्त सेफ्टी प्रोटोकॉल की जरूरत होती है। एक्सपर्ट्स का जोर इस बात पर है कि जब तक मैकेनिकल स्टैंडर्डाइजेशन नहीं होगा, तब तक रोबोटिक्स वह उपयोगिता हासिल नहीं कर पाएगा जिसकी उम्मीद की जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है बड़ी रिस्क?
इन्वेस्टर्स के लिए यहाँ 'हाइप' और 'प्रैक्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर' के बीच फर्क करना बेहद जरूरी है।
- एग्जीक्यूशन रिस्क: फिजिकल AI प्रोजेक्ट्स में हार्डवेयर डेवलपमेंट सॉफ्टवेयर की तुलना में काफी धीमा और महंगा होता है।
- सेफ्टी मानक: फिलहाल कोई वैश्विक सेफ्टी प्रोटोकॉल न होने के कारण बड़े पैमाने पर इनकी तैनाती में मुश्किल आ रही है।
वेन्चर कैपिटल फर्म्स अब उन स्टार्टअप्स पर दांव लगा रही हैं जो हार्डवेयर और इंटेलिजेंस के बीच के अंतर को पाट रहे हैं। भविष्य में उन्हीं कंपनियों की जीत होगी जो केवल सॉफ्टवेयर पर निर्भर रहने के बजाय रोबोटिक्स के बुनियादी ढांचे (Core infrastructure) को मजबूत करेंगी। निवेशकों को अब हार्डवेयर स्टैंडर्डाइजेशन और अनियंत्रित औद्योगिक माहौल में रोबोट्स की सफलता पर नजर रखनी चाहिए।
