पूर्व DeepMind रिसर्चर्स के नेतृत्व में Ricursive Intelligence सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग के तरीके को बदलने जा रही है। AI की मदद से यह कंपनी चिप डिजाइन के समय को वर्षों से घटाकर हफ्तों में समेटने का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि हाई-परफॉर्मेंस चिप्स तक सबकी पहुंच आसान हो सके।
एआई (AI) का नया कारनामा
Ricursive Intelligence की शुरुआत पूर्व DeepMind रिसर्चर्स अन्ना गोल्डी (Anna Goldie) और अज़ालिया मिरहोसैनी (Azalia Mirhoseini) ने की है। इनका लक्ष्य सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग के पारंपरिक और बेहद धीमे तरीकों को पूरी तरह से ऑटोमेट करना है। अभी चिप डिजाइनिंग में इंसानी इंजीनियरों को महीनों और कभी-कभी वर्षों का समय लगता है, लेकिन यह स्टार्टअप इसे एआई-ड्रिवेन प्रोसेस से महज कुछ हफ्तों में पूरा करने का दावा कर रहा है।
क्यों है यह जरूरी?
आज के समय में एआई कम्प्यूट पावर की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। पारंपरिक चिप डिजाइन में लेआउट को पावर, स्पीड और एफिशिएंसी के लिए ऑप्टिमाइज करना एक बड़ी चुनौती है। Ricursive का तर्क है कि एआई ऐसी जटिल ज्योमेट्री (जैसे सर्कुलर लेआउट) खोज सकता है, जो इंसान आसानी से नहीं देख पाते। इससे चिप की बैंडविड्थ और पावर खपत में भारी सुधार संभव है।
बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह स्टार्टअप Synopsys और Cadence Design Systems जैसे दिग्गजों को चुनौती दे पाएगा? ये कंपनियां पहले से ही ईडीए (EDA) बाजार में एआई टूल्स का उपयोग कर रही हैं। Ricursive की असली परीक्षा तब होगी जब उसे साबित करना होगा कि उसके एआई मॉडल बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब्स में मौजूदा सॉफ्टवेयर से कहीं ज्यादा प्रभावी हैं।
मैन्युफैक्चरिंग का जोखिम
चिप इंडस्ट्री में 'फाउंड्री रेडीनेस' (Foundry Readiness) सबसे बड़ा रिस्क है। चाहे डिजाइन कितना भी अच्छा हो, उसे TSMC या Samsung जैसी फाउंड्रीज के कठिन फिजिकल वेरिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना ही पड़ता है। यदि Ricursive बिना किसी मैनुअल सुधार के सीधे मैन्युफैक्चरिंग के लिए तैयार डिजाइन देने में सफल रही, तो यह बायोलॉजिकल कम्प्यूटिंग और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसे क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
