फिनटेक कंपनी Revolut मुश्किल में है। एक हैकर ग्रुप ने कंपनी के कस्टमर डेटा के बदले **$3 मिलियन** (करीब **25 करोड़ रुपये**) की फिरौती मांगी है। कंपनी ने साफ किया है कि यह उसके मेन सिस्टम का नहीं, बल्कि एक 'इंपर्सनेशन स्कैम' (Impersonation Scam) का मामला है, जिससे करीब **680** कस्टमर्स प्रभावित हुए हैं।
फिरौती की मांग और धमकियाँ
'iamnotavillain' नाम के एक हैकिंग ग्रुप ने Revolut को निशाना बनाया है। हैकर्स ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें 24 घंटे के अंदर $3 मिलियन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे ग्राहकों की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक कर देंगे। चूंकि Revolut एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए बाजार में शेयरों पर इसका कोई सीधा असर नहीं दिखा, लेकिन डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।
क्या कंपनी का मेन डेटा हैक हुआ?
Revolut का कहना है कि यह उसके इंटरनल सर्वर्स या कोर बैंकिंग डेटाबेस में कोई सेंधमारी नहीं है। दरअसल, हमलावरों ने बेहद शातिर तरीका अपनाया। उन्होंने इटली की सरकार के ईमेल सिस्टम को हैक करके कानून प्रवर्तन अधिकारियों (Law Enforcement) के रूप में खुद को पेश किया। इस 'बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज' के जरिए उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों को झांसा देकर कस्टमर डेटा हासिल किया।
सुरक्षा का दायरा और आगे की कार्रवाई
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 680 कस्टमर अकाउंट्स के अलावा बाकी सभी सिस्टम्स सुरक्षित हैं। ग्राहकों का फंड पूरी तरह से सेफ है। फिलहाल कंपनी UK के Information Commissioner's Office (ICO) और अन्य लॉ-एनफोर्समेंट एजेंसियों के साथ मिलकर जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला इस बात की ओर इशारा करता है कि भले ही कंपनी का सॉफ्टवेयर कितना भी मजबूत क्यों न हो, बाहरी कम्युनिकेशन चैनल और मानवीय चूक हमेशा एक बड़ा रिस्क बने रहते हैं। अब रेगुलेटर्स यह जांच करेंगे कि क्या कंपनी की वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कोई ढील बरती गई थी या नहीं।
