Reliance के Jio IPO में बड़ा बदलाव! फ्रेश इश्यू से जुटाएगी ₹32,000 करोड़, एजीएम पर सबकी नजर

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AuthorMehul Desai|Published at:
Reliance के Jio IPO में बड़ा बदलाव! फ्रेश इश्यू से जुटाएगी ₹32,000 करोड़, एजीएम पर सबकी नजर
Overview

Reliance Industries ने Jio Platforms के IPO को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा फेरबदल किया है। अब OFS (Offer for Sale) की जगह फ्रेश शेयर जारी करके पैसा जुटाया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य लगभग **$4 बिलियन (₹32,000 करोड़)** जुटाना है, जो सीधे Jio के बैलेंस शीट में जाएगा।

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स्ट्रक्चर में आया बड़ा मोड़

Reliance Industries, बहुप्रतीक्षित Jio Platforms के पब्लिक ऑफरिंग को लेकर अपने प्लान में बदलाव कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अब पहले से प्रस्तावित Offer for Sale (OFS) स्ट्रक्चर से हट रही है। OFS के तहत मौजूदा ग्लोबल स्टेकहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकल सकते थे।

इसके बजाय, Reliance अब पूरी तरह से फ्रेश शेयर जारी करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि IPO से जुटाई गई लगभग $4 बिलियन (₹32,000 करोड़) की राशि सीधे Jio के बैलेंस शीट में जाए। इस पैसे का इस्तेमाल कर्ज घटाने और AI, क्लाउड व 5G नेटवर्क के विस्तार में किया जाएगा। यह कदम शेयरधारकों की मांग के अनुरूप प्राइसिंग डिसिप्लिन और ट्रांसपेरेंसी लाने में मदद करेगा, साथ ही अस्थिर ग्लोबल IPO मार्केट के बीच कंपनी को बेहतर स्थिति में रखेगा।

नई एनर्जी सेक्टर में बड़ी पैनी

डिजिटल IPO की खबरों के बीच, Reliance का मुख्य औद्योगिक इंजन Jamnagar कॉम्प्लेक्स में बड़ा बदलाव देख रहा है। कंपनी के सोलर और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम बनाने वाले गीगा-फैक्ट्रीज अब एडवांस कमीशनिंग स्टेज में हैं। Reliance ने हाई-एफिशिएंसी वाले हेटेरोजंक्शन टेक्नोलॉजी (HJT) सोलर मॉड्यूल का उत्पादन शुरू कर दिया है, जो मौजूदा इंडस्ट्री बेंचमार्क से बेहतर एनर्जी यील्ड देते हैं।

इसके अलावा, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) फैसिलिटी भी 40 GWh क्षमता की ओर बढ़ रही है, जिसमें लिथियम आयरन फॉस्फेट केमिस्ट्री का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेक्टर की साइक्लिकलिटी से बचाव के तौर पर देखा जा रहा है और भारत की बढ़ती डिसेंट्रलाइज्ड एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग को पूरा करने में मदद करेगा।

जोखिम और कॉम्पिटिशन

इन पहलों के बावजूद, Reliance को एग्जीक्यूशन रिस्क का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी का मुकाबला Adani Group, Tata Power और NTPC जैसे बड़े प्लेयर्स से है, जो सभी इंडिया के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत इंसेंटिव के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

बाजार के जानकारों का कहना है कि स्टॉक में हाल ही में कुछ तकनीकी कमजोरी देखी गई है, जो प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, Reliance अभी भी वोलेटाइल O2C सेक्टर से बंधी हुई है। Jio IPO के लिए फ्रेश इश्यू स्ट्रक्चर में बदलाव से वैल्यूएशन को स्थिर करने में मदद मिल सकती है, लेकिन यह व्यापक बाजार सेंटिमेंट के प्रति संवेदनशील बना रहेगा।

मार्केट पोजिशनिंग

आगामी 19 जून, 2026 को होने वाली 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) निवेशकों की उम्मीदों के लिए अहम साबित होगी। एनालिस्ट्स का कंसेंसस प्राइस टारगेट ₹1,697 के आसपास है। कंपनी पर Jio IPO की टाइमलाइन पर ठोस जानकारी देने का भारी दबाव है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.