Reliance Jio अपने 10 साल के सफर में 53.3 करोड़ सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार कर चुका है। अब कंपनी घरेलू टेलिकॉम से आगे बढ़कर ग्लोबल लेवल पर अपनी 5G और AI टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट करने की योजना बना रही है। साथ ही, SEBI की मंजूरी के बाद **₹37,700 करोड़** के मेगा IPO पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेयर बनने की राह
5 सितंबर 2016 को कमर्शियल सर्विस शुरू करने वाली Reliance Jio ने पिछले एक दशक में भारतीय डिजिटल सेक्टर की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। अब कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने संकेत दिए हैं कि कंपनी केवल एक टेलिकॉम ऑपरेटर तक सीमित नहीं रहेगी। इसका नया विजन 'मेड-इन-इंडिया' टेक्नोलॉजी स्टैक्स जैसे कि 5G कोर नेटवर्क, क्लाउड मोबाइल इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्राइज AI सॉल्यूशंस को वैश्विक स्तर पर निर्यात करना है।
मेगा IPO की हलचल
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा इवेंट कंपनी का आगामी पब्लिक इश्यू है। खबरों के अनुसार, SEBI ने ₹37,700 करोड़ के IPO को हरी झंडी दे दी है। यह इश्यू न केवल टेलिकॉम सेक्टर के लिए, बल्कि भारतीय बाजार के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह फंड कंपनी की वैश्विक विस्तार की महत्वाकांक्षाओं को नई रफ्तार देगा।
चुनौतियां और भविष्य की राह
ग्लोबल मार्केट में उतरना आसान नहीं होगा। कंपनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित तकनीकी दिग्गजों से कड़ा मुकाबला करना होगा। इसके अलावा, विदेशी बाजारों में रेगुलेटरी अनुपालन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला भारी खर्च भी एक बड़ा फैक्टर है। फिलहाल, कंपनी का घरेलू बेस काफी मजबूत है, जिसके पास 26.8 करोड़ से अधिक 5G सब्सक्राइबर्स हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी ग्लोबल विस्तार और भारत में अपनी लीडरशिप के बीच कैसे तालमेल बिठाती है।
