Reliance Industries आंध्र प्रदेश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा दांव खेल रही है, जिससे राज्य एशिया का एक प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब बनने की राह पर है। कंपनी ने गiga-स्केल AI डेटा सेंटर (AIDC) के साथ-साथ एक केबल लैंडिंग स्टेशन (CLS) के लिए ज़मीन पक्की कर ली है। इस प्रोजेक्ट को राज्य सरकार से कई अहम छूटें और प्रोत्साहन मिल रहे हैं।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर में ज़बरदस्त तेज़ी
Vizianagaram जिले में गiga-स्केल AI डेटा सेंटर और केबल लैंडिंग स्टेशन के लिए Reliance का ₹1.08 लाख करोड़ का निवेश भारत के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रही तेज़ी को दिखाता है। यह कदम AI क्षमताओं को विकसित करने के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। अनुमान है कि 2030 तक भारत का डेटा सेंटर बाज़ार $22 बिलियन तक पहुंच जाएगा, जो 15.8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट में ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPUs) और टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPUs) जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, जिससे यह एशिया के सबसे शक्तिशाली AI नेटवर्क में से एक बनेगा। यह Reliance की अगले सात सालों में AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में $110 बिलियन निवेश करने की बड़ी योजना का हिस्सा है।
आंध्र प्रदेश: डिजिटल गेटवे की ओर
आंध्र प्रदेश खुद को भारत के डेटा सेंटर सेक्टर में एक बड़ा खिलाड़ी बनाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहा है। Reliance के अलावा, राज्य ने Google जैसी कंपनियों को भी आकर्षित किया है, जो $15 बिलियन का निवेश कर एक 1 GW डेटा सेंटर बना रही है। Reliance का प्रोजेक्ट 854.97 एकड़ में फैला है और इसे 25% ज़मीन की छूट मिली है। यह आंध्र प्रदेश के 6 GW डेटा सेंटर क्षमता तक पहुंचने के लक्ष्य का एक अहम हिस्सा है। राज्य सरकार की तरफ से खास वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और AI, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक ग्लोबल सेंटर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
एग्ज़िक्यूशन की चुनौतियां और मुकाबला
इतने बड़े निवेश के बावजूद, प्रोजेक्ट का सफल एग्ज़िक्यूशन ही सब कुछ तय करेगा। Reliance, Visakhapatnam में ₹1.6 लाख करोड़ ($17 बिलियन) का एक डेटा सेंटर क्लस्टर बनाने की भी योजना बना रही है, जो 2030 तक पूरी क्षमता के साथ भारत का सबसे बड़ा 1.5 GW का सेंटर होगा। Reliance के साथ-साथ Google और Adani जैसे प्रतिस्पर्धियों के विशाल प्रोजेक्ट्स, पूंजी और संसाधनों के कुशल उपयोग पर सवाल खड़े करते हैं। डेटा सेंटर बाज़ार में ग्लोबल और घरेलू कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। Reliance का आक्रामक विस्तार जहाँ एक तरफ उसकी ताकत है, वहीं दूसरी तरफ यह पूंजी आवंटन (Capital Allocation) की चुनौतियां भी पेश करता है। हाल के वित्तीय नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ तो दिखी है, लेकिन मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच नेट प्रॉफिट में गिरावट आई है, जो भारी निवेश के कारण मार्जिन पर दबाव का संकेत देती है। प्रोजेक्ट की सफलता अनुशासित प्रबंधन, नियामकीय सामंजस्य और तेज़ी से बदलते टेक परिदृश्य में लगातार मांग पर निर्भर करेगी।
