Reliance Industries की 49वीं AGM में Jio Platforms के IPO की घोषणा हुई। कंपनी 27 करोड़ शेयर जारी करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्ज कम करना है। साथ ही, Reliance ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नई एनर्जी फैक्ट्रीज को लेकर बड़ी योजनाएं बताईं।
Reliance AGM 2026: क्या हुआ खास?
Reliance Industries (RIL) ने 19 जून 2026 को अपनी 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का आयोजन किया। इस मीटिंग में कंपनी की भविष्य की रणनीतियों पर अहम घोषणाएं हुईं। सबसे बड़ी खबर Jio Platforms के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) का फाइल होना है। IPO में 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा, जबकि मौजूदा निवेशकों के लिए कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है।
Jio IPO और कर्ज का खेल
इस IPO से Reliance Jio Infocomm की सब्सिडियरी कंपनी अपने आउटस्टैंडिंग डेट (कर्ज) को चुकाने या प्री-पेमेंट के लिए ₹27,500 करोड़ तक जुटाएगी। यह कदम कंपनी के बैलेंस शीट के लिए काफी अहम है। हालाँकि, DRHP में यह भी बताया गया है कि Jio को बढ़ते कॉम्पिटिशन और रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जो ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) बढ़ाने की क्षमता पर असर डाल सकता है।
AI और टेक में Reliance का बड़ा दांव
Reliance अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बड़ा कदम उठा रही है। Reliance Intelligence यूनिट के तहत, कंपनी Google, Meta और NVIDIA जैसी ग्लोबल टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी। Jamnagar में एक खास AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। साल 2026 के अंत तक 120 मेगावाट AI कंप्यूटिंग क्षमता शुरू करने की योजना है, ताकि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर को सस्ता और सुलभ बनाया जा सके।
New Energy का तेजी से विस्तार
ऊर्जा (Energy) के क्षेत्र में भी Reliance पीछे नहीं है। कंपनी अपनी गीगाफैक्ट्रीज को तेजी से चालू कर रही है। बैटरी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 40 गीगावाट-घंटे (GWh) से बढ़ाकर 120 GWh सालाना करने का लक्ष्य है, जिसमें लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी पर फोकस होगा। Kutch रिन्यूएबल एनर्जी हब और सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग लाइन्स भी तैयार हैं। उम्मीद है कि नया एनर्जी डिवीजन फाइनेंशियल ईयर 2027 से कंपनी के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान देना शुरू कर देगा।
जोखिम और चिंताएं
इन बड़ी योजनाओं के बावजूद, Reliance ने कुछ जोखिमों को भी स्वीकार किया है। कंपनी की एनुअल रिपोर्ट और मैनेजमेंट की कमेंट्री में वेस्ट एशिया की मौजूदा स्थिति जैसी भू-राजनीतिक अस्थिरता पर चिंता जताई गई है, जिससे ऊर्जा की लागत और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। रिटेल डिमांड में नरमी और व्यापक आर्थिक स्थितियां भी चिंता का विषय हैं। इसके अलावा, नए एनर्जी और AI में भारी निवेश के लिए लगातार कैपिटल खर्च की जरूरत होगी, जो कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
आगे चलकर, इन रणनीतिक बदलावों की सफलता एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगी। निवेशकों को Jio IPO की लिस्टिंग की समय-सीमा, Jamnagar में बैटरी और AI सुविधाओं के चालू होने की तारीखों और प्रतिस्पर्धी टैरिफ दबाव के बीच टेलीकॉम में प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखनी होगी। साथ ही, FY27 से नया एनर्जी बिजनेस रेवेन्यू में कैसे योगदान देता है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा।
