Redington Ltd ने इस तिमाही में इतिहास रच दिया है। कंपनी ने अब तक का सबसे बड़ा तिमाही रेवेन्यू **₹34,922 करोड़** दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **34.6%** ज्यादा है। साथ ही, नेट प्रॉफिट में भी **77%** का शानदार उछाल आया है और यह **₹486 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी के ग्लोबल ऑपरेशंस, खासकर साउथ इंडिया और साउथ एशिया (SISA) मार्केट से मिले बूते पर यह कमाल हुआ है।
दमदार नतीजों से रॉकेट बनी Redington
टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स की दुनिया में एक बड़ा नाम, Redington Ltd ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹486 करोड़ रहा, जो पिछले साल की पहली तिमाही के ₹275 करोड़ के मुकाबले 77% की जबरदस्त ग्रोथ दिखाता है। इस बंपर मुनाफे की वजह कंपनी का रिकॉर्ड तोड़ तिमाही रेवेन्यू ₹34,922 करोड़ है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹25,952 करोड़ से 34.6% ज्यादा है।
ऑपरेशनल परफॉरमेंस और सेगमेंट की कहानी
कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी गजब का सुधार देखने को मिला है। EBITDA, यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी, 76.8% बढ़कर ₹708 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 1.5% से बढ़कर 2% पर पहुंच गया। इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा साउथ इंडिया और साउथ एशिया (SISA) बिजनेस से आया, जहाँ रेवेन्यू में 63% का इजाफा हुआ। इस सेगमेंट में, मैनेज्ड सर्विसेज ग्रुप (Managed Services Group) ने सबसे तेज रफ्तार पकड़ी और 88% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की। टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस ग्रुप (Technology Solutions Group) और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस ग्रुप (Enterprise Solutions Group) ने भी क्रमशः 57% और 49% की ग्रोथ से कंपनी की रफ्तार बढ़ाई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो, रेस्ट ऑफ वर्ल्ड (ROW) सेगमेंट, जिसमें एरीना बिजनेस (Arena business) भी शामिल है, ने रेवेन्यू में 6% की बढ़ोतरी तो दिखाई ही, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी में गजब का जलवा दिखाया। यहां EBITDA 121% और नेट प्रॉफिट 143% उछल गया। इससे साफ है कि कंपनी विदेशी ऑपरेशंस में कॉस्ट कटिंग और मार्जिन बढ़ाने में काफी सफल हो रही है।
फाइनेंसियल पोजीशन और शेयर का हाल
Redington की बैलेंस शीट काफी मजबूत नजर आ रही है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो केवल 0.39 है। कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 22.2% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 18.8% रहा, जो बताते हैं कि कंपनी शेयरधारकों के पैसे का इस्तेमाल करके कितनी अच्छी तरह मुनाफा कमा रही है। प्रोकनेक्ट ग्लोबल (ProConnect Global), कंपनी का सप्लाई चेन डिवीजन, भी अपने अब तक के सबसे बेहतरीन तिमाही रेवेन्यू परफॉर्मेंस पर है, जिसने 38% की ग्रोथ दर्ज की है।
इन नतीजों के बाद, कंपनी के स्टॉक में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। BSE पर शेयर 287.65 के स्तर पर बंद हुआ, जो 3.43% की बढ़त थी।
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने मार्जिन में आए इस सुधार को कब तक बनाए रख पाती है। डिस्ट्रिब्यूशन पर ज्यादा निर्भर बिजनेस होने के नाते, Redington के मार्जिन वैसे भी काफी कम होते हैं, और उसकी प्रॉफिटेबिलिटी अक्सर बेचे गए प्रोडक्ट्स की मात्रा और टेक्नोलॉजी हार्डवेयर व सर्विसेज के मिक्स पर निर्भर करती है। ऐसे में, सिर्फ बेसिक हार्डवेयर डिस्ट्रिब्यूशन के बजाय मैनेज्ड सर्विसेज जैसे हाई-मार्जिन सर्विस सेगमेंट में लगातार ग्रोथ, कंपनी की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी को समझने के लिए एक बड़ा फोकस पॉइंट होगा।
