AI स्टार्टअप Recursive ने नया कोडिंग मॉडल 'Flint' लॉन्च किया है, जो सीधे लैपटॉप पर चलेगा। Nvidia और GV समर्थित इस कंपनी की वैल्यूएशन अब **$4.65 बिलियन** पहुंच गई है, जो क्लाउड-आधारित टूल्स को सीधी चुनौती दे रही है।
AI स्टार्टअप Recursive ने कोडिंग के लिए एक नया मॉडल 'Flint' पेश किया है, जो पारंपरिक क्लाउड-आधारित टूल्स के बजाय सीधे लैपटॉप पर चलेगा। सेल्सफोर्स के पूर्व चीफ साइंटिस्ट रिचर्ड सोचर के नेतृत्व वाली इस कंपनी का उद्देश्य सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की सर्वर पर निर्भरता को कम करना है। यह नया मॉडल तेज और अधिक प्राइवेट कोडिंग अनुभव प्रदान करने का वादा करता है।
लोकल-फर्स्ट कोडिंग रणनीति
ज्यादातर कोडिंग टूल्स इस्तेमाल के हिसाब से चार्ज करते हैं, लेकिन Flint को ऑफलाइन काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह 'मिक्सचर-ऑफ-एक्सपर्ट्स' (Mixture-of-experts) स्ट्रक्चर का उपयोग करता है, जिससे यह लैपटॉप जैसे हार्डवेयर पर भी कम रिसोर्सेज में हाई स्पीड दे सकता है। अर्ली टेस्टिंग के दौरान यह MacBook Pro के M4 Pro चिप पर शानदार परफॉर्म करता दिखा है, लेकिन असली चुनौती इसकी सटीकता को बड़े क्लाउड प्लेटफॉर्म्स के बराबर बनाए रखना होगा।
ऑटोमेशन से बढ़ी दक्षता
Recursive का दावा है कि Flint को उन्होंने अपने इंटरनल ऑटोमेटेड सिस्टम 'यूरेका मशीन' (Eureka Machine) से बनाया है। इस सिस्टम ने मॉडल की ट्रेनिंग और ऑप्टिमाइजेशन को खुद मैनेज किया, जिसके चलते परफॉर्मेंस को बरकरार रखते हुए मॉडल के साइज में 71% की कमी आई है। हालांकि, यह ऑटोमेटेड रिसर्च एक तकनीकी दांव की तरह है, जिसे क्वालिटी और सेफ्टी के पैमाने पर अभी परखना बाकी है।
पूंजी और प्रतिस्पर्धा
कंपनी ने हाल ही में $650 मिलियन की फंडिंग जुटाई है, जिसके बाद इसकी वैल्यूएशन $4.65 बिलियन हो गई है। कंपनी के बड़े निवेशकों में Nvidia और GV शामिल हैं। बिजनेस मॉडल की बात करें तो यह काफी कैपिटल-इंटेंसिव है, जिसे देखते हुए Recursive ने Amazon Web Services के साथ $410 मिलियन का कंप्यूट इन्वेस्टमेंट डील किया है। Apache 2.0 लाइसेंस के तहत इसे ओपन-सोर्स करने का कंपनी का कदम डेवलपर्स के बीच तेजी से जगह बनाने की एक बड़ी कोशिश है।
