Fintech दिग्गज Razorpay ने अपने 'Engage' मार्केटिंग प्लेटफॉर्म को OpenAI के ChatGPT के साथ इंटीग्रेट किया है। इस कदम का मकसद पेमेंट प्रोसेसिंग से हटकर AI-आधारित वैल्यू-एडेड सर्विसेज के जरिए कारोबार का विस्तार करना है।
विज्ञापन की दुनिया में AI क्रांति
Razorpay अब पारंपरिक कीवर्ड-आधारित विज्ञापन के बजाय सीधे ChatGPT इकोसिस्टम के जरिए प्रोडक्ट डिस्कवरी को आसान बनाने जा रहा है। कंपनी के मार्केटिंग प्लेटफॉर्म 'Engage' के जरिए ब्रांड्स अब सीधे AI से बातचीत के दौरान अपने प्रोडक्ट कैटलॉग और विज्ञापन कैंपेन मैनेज कर सकेंगे। इस नई तकनीक का मकसद यूजर की जरूरत के हिसाब से सही विज्ञापन दिखाना है, न कि केवल साधारण सर्च क्वेरी के आधार पर।
बड़े ब्रांड्स के साथ पायलट प्रोजेक्ट
इस नई AI-पावर्ड एडवरटाइजिंग के लिए कंपनी ने पहले ही कई दिग्गजों के साथ पायलट प्रोग्राम शुरू कर दिए हैं, जिनमें Tata Neu, Tanishq, Fastrack और Shaadi.com जैसे नाम शामिल हैं। इतना ही नहीं, Razorpay अब NPCI के साथ मिलकर 'Agentic Payments' पर भी काम कर रहा है, ताकि यूजर AI चैट के दौरान ही अपना पेमेंट पूरा कर सकें।
क्यों है यह बदलाव जरूरी?
भारत के Fintech सेक्टर में UPI पर जीरो-फी मैंडेट के कारण कोर पेमेंट बिजनेस का मुनाफा सीमित हो गया है। इसी चुनौती से निपटने के लिए Razorpay अब सॉफ्टवेयर और एक्स्ट्रा सर्विसेज पर फोकस कर रहा है ताकि रेवेन्यू को बूस्ट किया जा सके।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
गौर करने वाली बात यह है कि Razorpay एक प्राइवेट कंपनी है और स्टॉक मार्केट पर लिस्टेड नहीं है। मई 2026 में कंपनी ने अपने पैरेंट एंटिटी को अमेरिका से भारत वापस (रिवर्स फ्लिप) शिफ्ट किया था। फाइनेंशियल ईयर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 65% की जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन साथ ही ₹1,209 करोड़ का नेट लॉस भी हुआ है। अब देखना यह होगा कि क्या AI के जरिए होने वाली यह नई पहल कंपनी के घाटे को कम करने में मददगार साबित होती है या नहीं।
