Rashi Peripherals और जापान की Restar Corporation का जॉइंट वेंचर, Rashi Semiconductor Solutions, अब केवल डिस्ट्रीब्यूशन तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी ने अगले 18 महीनों में **$10 करोड़** (करीब **$100 मिलियन**) के रेवेन्यू का बड़ा लक्ष्य रखा है।
अब डिज़ाइन और इंजीनियरिंग पर फोकस
कंपनी ने अपने पुराने बिज़नेस मॉडल, जो मुख्य रूप से कंपोनेंट डिस्ट्रीब्यूशन पर आधारित था, को बदलकर 'डिज़ाइन-लेड' इंजीनियरिंग सर्विसेज में बदलने का फैसला किया है। बेंगलुरु में स्थित अपनी फैसिलिटी के जरिए, Rashi Semiconductor अब सिर्फ पार्ट सप्लाई करने के बजाय ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए प्रोटोटाइप डिज़ाइन करेगी।
क्यों है यह रणनीति अहम?
- पोर्टफोलियो विस्तार: जापान की Restar Corporation के साथ साझेदारी के चलते कंपनी के पास अब 2,000 से ज्यादा आइटम्स का कैटलॉग है।
- मार्केट की मांग: भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिल रहे बूस्ट और 'सेल्फ-रिलायंस' (आत्मनिर्भर) पहल का फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।
- बेटर मार्जिन: पारंपरिक डिस्ट्रीब्यूशन के पतले मार्जिन के मुकाबले, इंजीनियरिंग और डिज़ाइन-लेड सर्विसेज में ज्यादा प्रॉफिट मार्जिन मिलने की उम्मीद है।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि यह शिफ्ट कंपनी के भविष्य के लिए बड़ा कदम है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। इस तरह के बिज़नेस में हाई-एंड टेक्निकल टैलेंट को रिटेन करना और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के सख्त क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करना बड़ी परीक्षा होगी। निवेशकों के लिए कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ और क्लाइंट ऑनबोर्डिंग की गति पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
